संभल पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण हासिल कर ₹1.31 करोड़ की कर चोरी के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। वाणिज्यकर विभाग की जांच में यह मामला उजागर हुआ था। बुधवार को संभल जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना बबराला पुलिस ने बहजोई निवासी डालचंद और उसके बेटे गोविंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वाणिज्यकर विभाग को ‘गंगा ट्रेडिंग कंपनी’ नामक फर्म के लेनदेन और पंजीकरण में अनियमितता का संदेह हुआ था। जांच में सामने आया कि फर्म ने पंजीकरण के समय मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और कृषि उत्पादन मंडी समिति की रोकड़ रसीद को अपने व्यापार स्थल के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया था। संयुक्त आयुक्त के निर्देश पर 9 नवंबर 2020 को मंडी परिसर में औचक निरीक्षण किया गया। जांच टीम को मौके पर फर्म की कोई दुकान, गोदाम या व्यापारिक गतिविधि संचालित होती नहीं मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि फर्म केवल कागजों में ही अस्तित्व में थी। मंडी समिति के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि फर्म को लाइसेंस तो जारी हुआ था, लेकिन उसे कभी स्थायी दुकान आवंटित नहीं की गई और न ही उसने मंडी परिसर में कोई व्यापार किया। पंजीकरण प्रपत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर भी फर्म से जुड़े दावों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और मजबूत हुई। फर्म से संतोषजनक जवाब न मिलने पर 25 फरवरी 2022 को उसका जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ₹1,30,98,104 की कर एवं अर्थदंड की मांग निर्धारित की गई, जिसमें नियमानुसार ब्याज भी शामिल है। राज्यकर अधिकारी अजय सिंह की तहरीर पर थाना बबराला में फर्म के कथित स्वामी अशोक कुमार पुत्र उदयपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनमें बहजोई निवासी डालचंद और उसके पुत्र गोविंद की भूमिका सामने आई। थानाध्यक्ष सौरभ त्यागी ने बताया कि पुलिस टीम ने बुधवार को बहजोई में स्थित उनके प्रतिष्ठान पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जीएसटी पंजीकरण और बोगस आईटीसी पास करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

Leave a Reply