संभल नगर पालिका बोर्ड बैठक में अहम प्रस्ताव पास:शासन से बढ़े गृहकर-जलकर को खत्म करने, विभागों में समिति बनाने को मंजूरी
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संभल नगर पालिका बोर्ड बैठक में अहम प्रस्ताव पास:शासन से बढ़े गृहकर-जलकर को खत्म करने, विभागों में समिति बनाने को मंजूरी
संभल नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शनिवार को 78 मिनट तक चली। बैठक में गृहकर और जलकर के बढ़े हुए टैक्स को समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सभी विभागों में समिति बनाने और वाटर बायो रेमेडीएशन के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। बैठक में गृहकर और जलकर की वर्तमान मांग 17.40 करोड़ रुपये से घटाकर 8 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया। बोर्ड ने पुराने टैक्स की वसूली जारी रखने और बढ़े हुए टैक्स को निरस्त करने के प्रस्ताव को शासन के पास भेजने की मांग की। अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में, नगर क्षेत्र के शेर खां सराय में यूनानी चिकित्सालय बनाने को मंजूरी दी गई। वाटर बायो रेमेडीएशन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली, जिसके तहत गंदे पानी को साफ करने के लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा ताकि खेतों में जाने वाला पानी स्वच्छ रहे। जल निकासी के लिए 15 लाख रुपये के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई। बैठक में महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज को 90 साल के लिए लीज पर दी गई जमीन पर लगे टैक्स को बहाल किया गया। पूर्व में बोर्ड बैठक द्वारा माफ किए गए इस टैक्स को नगर पालिका एक्ट के विरुद्ध माना गया था। सभासद मौ. गौहर और मौ. शौकीन की मांग पर नगर पालिका परिषद के हर विभाग में समिति बनाने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। यह बोर्ड बैठक अध्यक्ष आसिया मुशीर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सुरक्षा के मद्देनजर आर.आर.एफ.-पी.ए.सी. और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह और सरथल पुलिस चौकी प्रभारी अंकुर तोमर भी मौजूद थे। कर निर्धारण अधिकारी एवं कार्यवाहक लेखाधिकारी कार्तिकेय यादव ने एजेंडा पढ़ा, जिसमें सात बिंदु शामिल थे। पिछली बोर्ड बैठक में पास किए गए निर्माण कार्यों के पूरा न होने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर जेई अमन वर्मा ने बताया कि 28 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत हुए थे, जबकि बजट केवल 10 करोड़ रुपये का था। उपलब्ध बजट के अंतर्गत ही कार्य कराए गए हैं। सभासद गगन वार्ष्णेय ने कहा कि पुराने टैक्स बहाल किया जाए और बढ़ाए गए नए टैक्स को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया है। उन्होंने बताया कि छोटे और बड़े बकायदार के लिए टैक्स वह किस्तों में जमा करने का प्रस्ताव पास किया है जिससे कि उन्हें आसानी हो सके। सभासद मौ. शौक़ीन ने बताया कि सभा शुरू ने काफी समय से टैक्स नहीं बढ़ाया था, जिसके चलते शासन इस बार खुद टैक्स बढ़ाकर के भेजा है उसे कम करने की मांग करते हुए प्रस्ताव को पास कर शासन को भेजने की मांग की है। गलियों कि चौड़ाई हिसाब से टैक्स लगाया गया है। अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी ने कहां की बोर्ड बैठक में सा प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्ताव पर चर्चा हुई जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया है कुछ प्रस्ताव हैं जिन्हें संशोधन कर शासन को भेजने की मांग की गई है उन्हें शासन को भेजा जाएगा। सभासद के द्वारा शहर के विकास के लिए चलने वाली हर योजना में भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया गया है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
