संभल के प्राचीन चामुंडा मंदिर में नवसंवत 2083 चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया। मंदिर परिसर को ताजे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया था, जिससे पूरा मंदिर जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला देवी से लाई गई दिव्य ज्योत के भी दर्शन किए। शुक्रवार रात 8 बजे संभल कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्रीचामुंडा मंदिर में द्वितीय नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी देवी की विशेष पूजा और महाआरती का आयोजन किया गया। मुख्य यजमान अर्पित अग्रवाल और उनकी पत्नी कीर्ति अग्रवाल ने महाआरती की। मंदिर के महंत मुरली सिंह ने विधि-विधान पूर्वक पूजा संपन्न कराई, जो रात 8:40 बजे समाप्त हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा तप, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति के लिए की जाती है। श्रद्धालु सफेद या हरे रंग के वस्त्र पहनकर माता को अक्षत, कुमकुम, चंदन और सफेद फूल अर्पित करते हैं, जिससे उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर के अलावा, थाना बहजोई कस्बा स्थित मां भगवंतपुर वाली देवी मंदिर, मां काली मंदिर, संतोषी माता मंदिर और बड़े मंदिर में भी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसरों के बाहर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। आगामी नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा करेंगे। महिला श्रद्धालु शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की है। उन्होंने मंदिर के माहौल को बहुत अच्छा बताया और कहा- योगी सरकार है इसलिए हमारा बोलबाला है। एक अन्य श्रद्धालु कीर्ति अग्रवाल ने बताया कि वे प्रसिद्ध चामुंडा मंदिर में पूजा करने के लिए नवरात्र के दूसरे दिन आई हैं। चामुंडा देवी मंदिर के महंत मुरली सिंह ने जानकारी दी कि चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। उन्होंने बताया कि नौ दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

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