संभल के अझरा गांव में छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज़ खान भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पास के केला पतरासी गांव के कुछ लोग दिन में आवारा पशुओं को बांधकर रखते हैं और रात होते ही उन्हें अझरा गांव में छोड़ देते हैं। इन पशुओं के कारण किसानों की खेतों में खड़ी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायतें की हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है और वे अपनी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीण भगवान दास ने बताया कि तीन दिन पहले उनके पुत्र सुमित पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया था। इस हमले में सुमित गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें 12 टांके लगाने पड़े। इस घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है और ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि आवारा पशुओं को छोड़ने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गांव को छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर प्रमोद यादव, रामशरण, सत्येंद्र, धर्मवीर, भगवान दास और पुष्पेंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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