उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने के बाद भीड़ द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करने से छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि नाज़ात पुलिस स्टेशन की टीम टीएमसी कार्यकर्ता मूसा मोल्लाह को गिरफ्तार करने के लिए संदेशखाली ब्लॉक के बोयेरमारी गांव गई थी। पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों के एक समूह ने हमला किया और पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। एक पुलिस अधिकारी समेत छह घायल पुलिसकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। ये पुलिसकर्मी उस समय घायल हुए जब कुछ ग्रामीणों ने मोल्लाह को उसके घर से उठाकर पुलिस वाहन में बिठाया था।
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अधिकारी ने बताया कि मोल्लाह को इलाके में मत्स्यपालन के लिए जल स्रोतों पर जबरन कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जाने और भीड़ को खदेड़ने के बाद आखिरकार उसे पुलिस स्टेशन ले जाया जा सका। उसके अलावा, ग्राम पंचायत प्रधान समेत दो स्थानीय टीएमसी नेताओं को भीड़ को उकसाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। 5 जनवरी 2024 को, राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में स्थानीय टीएमसी नेता और जिला परिषद सदस्य शेख शाहजहाँ के आवास पर छापेमारी करने पहुंची ईडी की टीम पर हमला हुआ। शाहजहाँ को बाद में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि राज्य पुलिस पर हुए हमले ने ममता बनर्जी के शासन में टीएमसी कार्यकर्ताओं की ‘हताशा और बेशर्मी’ को उजागर किया है।
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घोष ने पूछा कि दो साल पहले ईडी अधिकारियों पर हुए हमले से लेकर अब राज्य पुलिस पर हुए हमले तक, पैटर्न एक जैसा ही है। क्या राज्य पुलिस सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ खड़े होने और उचित कार्रवाई करने का साहस दिखाएगी? टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा पुलिस पर हमला निंदनीय है और पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी, हमारा समर्थन रहेगा।
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