DniNews.Live

संतकबीर नगर में मदरसा प्रबंधन के 94.23 लाख रुपये फ्रीज:मदरसा प्रबंधन और परिजनों ने प्रयागराज हाईकोर्ट में याचिका दायर की, ED-NIA जांच में जुटी

संतकबीरनगर में विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन के आरोपी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के परिजनों और मदरसा प्रबंधन ने अपने 94.23 लाख रुपये के बैंक खाते फ्रीज होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह कार्रवाई फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत दर्ज प्राथमिकी के बाद की गई थी। दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल हुदा खान के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में फेमा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद विवेचक ने मौलाना के परिजनों और मदरसा प्रबंधन से जुड़े सभी 18 बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट में दायर याचिका वित्तीय लेनदेन पर रोक लगने के बाद मौलाना के परिजन और मदरसा प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में 21 लोगों और आधा दर्जन से अधिक बैंकों को प्रतिवादी बनाया गया। यह याचिका 18 मार्च को प्रयागराज हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। एटीएस जांच में खुलासा एटीएस की जांच में मौलाना शमशुल हुदा खान की इस्लामिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार, गैरकानूनी विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की यात्राओं की पुष्टि हुई। जांच में जम्मू-कश्मीर के संदिग्ध लोगों से उनके संपर्क भी सामने आए। फ्रीज हुए खातों में 94.23 लाख रुपये जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्रा की रिपोर्ट पर 2 नवंबर, 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस जांच में मौलाना के बेटे, पत्नी और बहू के नाम पर 18 खाते संचालित पाए गए, जिनमें लगभग 94.23 लाख रुपये जमा थे। विवेचक ने इन खातों को फ्रीज करा दिया। याचिकाकर्ता और बैंक विवरण याचिका दाखिल करने वाले प्रबंधक हैं: कुल्लियातुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रजा फाउंडेशन तौसीफ रजा खान नसरीन जहां तीन बैंकों में सात एनआरआई/एनआरओ खाते खुले हैं, जिसमें विदेशी रुपये आने का दावा किया जा रहा है। खातों में मौलाना, उनके बेटे और एनजीओ के नाम शामिल हैं। अन्य जांच एजेंसियां भी सक्रिय जांच में बाधा आने पर पुलिस अन्य एजेंसियों से विधिक सलाह ले रही है। यूपी एटीएस की जांच के बाद ईडी और एनआईए भी मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। फरवरी में ईडी ने मौलाना के घर पहुंचकर दस्तावेज जुटाए, जबकि एनआईए ने कई सरकारी महकमों से संबंधित दस्तावेज अपने साथ लिए।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

Puri Khabar Yahan Padhein…

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *