हिमाचल की राजधानी शिमला में विवादित संजौली मस्जिद का बिजली पानी काटने की मांग को लेकर 12 दिन से अनशन पर बैठे हिंदू संघर्ष समिति भड़क गई है। संघर्ष समिति ने आज संजौली में सरकार की शव यात्रा निकाली और पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की ओर से लिखित निमंत्रण नहीं मिलने पर मीटिंग का भी बहिष्कार किया। दरअसल, बीते शुक्रवार को संजौली पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान 10 मिनट तक चक्का जाम भी किया। इसके बाद, मौके पर पहुंचे प्रशासन ने संघर्ष समिति की मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया और 29 अगस्त को प्रशासन के साथ मीटिंग तय की। मगर आज सुबह तक संघर्ष समिति को प्रशासन की तरफ से लिखित न्योता नहीं दिया गया। संघर्ष समिति ने आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी है। इससे पहले संजौली चौक पर शव यात्रा निकालकर रोष जाहिर किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी विजय शर्मा ने कहा- मीटिंग के लिए निमंत्रण भी आधिकारिक होना चाहिए था। उन्होंने प्रशासन पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण समिति ने बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी देवभूमि संघर्ष समिति मीटिंग करके आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय करेगी। इस बीच संजौली मस्जिद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। वक्फ बोर्ड ने शिमला नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत के मस्जिद गिराने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। अब इस रिट याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर सोमवार को फैसला हो सकता है। 12 दिन से चल रहा अनशन वहीं देवभूमि संघर्ष समिति दो सप्ताह से संजौली मस्जिद का बिजली-पानी काटने की मांग अनशन पर है। पहले इन्होंने चार दिन तक आमरण अनशन किया। बीते शुक्रवार को प्रशासन द्वारा मांगे मानने का भरोसा मिलने के बाद इन्होंने आमरण अनशन वापस लिया और क्रमिक अनशन जारी रखा। आज प्रशासन के साथ होने वाली मीटिंग में कुछ समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही थी। मगर अब यह मामला दोबारा तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सिलसिलेवार पढ़े क्या है पूरा मामला…
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