रविवार को बच्चा पार्क स्थित प्यारे लाल स्मारक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा प्रमुख जनगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद मोहित द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया। मंच पर मृदुला शर्मा, अरुण जिंदल, डॉ. नीरज सिंघल और प्रेमवीर सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. नीरज सिंघल ने कहा कि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और 100 वर्षों की इस यात्रा में संगठन ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विचारों को समझना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा पर संघ कार्य करता है और वर्तमान में देशभर में डेढ़ लाख से अधिक सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं। डॉ. सिंघल ने ‘पंच परिवर्तन’ के विषय को विस्तार से रखते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्यों को आज के समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि कलियुग में संगठन की शक्ति ही सबसे बड़ी ताकत है। वहीं अरुण जिंदल ने भगवान राम के जीवन से उदाहरण देते हुए समाज जागरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि RSS सामान्य समाज के साथ मिलकर कार्य कर रहा है और आज जरूरत है कि हम अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं और समाज के सामने खड़ी चुनौतियों को समझें। उन्होंने भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं की चर्चा करते हुए कहा कि हमें यह चिंतन करना होगा कि हम क्या थे और क्या हो गए हैं। अरुण जिंदल ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद और चिंतन प्रमुख है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर समाज को जागृत करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता होती है, जैसे इतिहास में विभिन्न संतों और महापुरुषों ने किया। कार्यक्रम में मृदुला शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति के योगदान पर प्रकाश डाला और समाज में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जनगोष्ठी में उपस्थित लोगों ने विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए और समाज को संगठित एवं जागरूक बनाने का संकल्प लिया।

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