श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग और कर्तव्य का प्रतीक:कैलाशानंद गिरि ने राम-लक्ष्मण विरह और जल समाधि का प्रसंग सुनाया
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श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग और कर्तव्य का प्रतीक:कैलाशानंद गिरि ने राम-लक्ष्मण विरह और जल समाधि का प्रसंग सुनाया
संभल में निरंजनी पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने श्रीराम कथा के दूसरे दिन भगवान राम और लक्ष्मण के विरह और भगवान राम की जल समाधि के प्रसंग का वर्णन किया। खराब मौसम के बावजूद कथा स्थल पर भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह पांच दिवसीय श्रीराम कथा जनपद संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई के निकट एक बड़े मैदान में आयोजित की जा रही है। रविवार को दूसरे दिन तेज हवाओं और बादलों के बीच भी हजारों की संख्या में लोग कथा सुनने के लिए डटे रहे। श्रद्धालु कैलाशानंद गिरि महाराज के प्रवचनों और भजनों पर झूमते रहे। महामंडलेश्वर आचार्य डॉ. कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और धर्म पालन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग और कर्तव्य का प्रतीक है, जिसे अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोग श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतार लें, तो समाज की कई बुराइयों का स्वतः अंत हो सकता है। कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रीराम और माता सीता के चरित्र का वर्णन किया गया। कैलाशानंद गिरि ने भक्ति को ईश्वर के निकट ले जाने वाला मार्ग बताया और संतों के स्वभाव तथा उनकी सरलता पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के बीच-बीच में प्रस्तुत भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया, जिससे पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर एडीएम प्रदीप वर्मा, डिप्टी कलेक्टर विकास चंद्र, डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी, पूर्व मंत्री अजीत कुमार राजू, डॉ. अरविंद गुप्ता, लोकसभा पूर्व प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू, अंकित जैन, सोनू चाहल, जिला महामंत्री शिल्पी गुप्ता, सतीश अरोड़ा, बीजेपी चेयरमैन राजेश शंकर राजू, साध्वी गीता प्रधान, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भीष्म शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
