शेखपुरा के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम रोहित कुमार ने रंगदारी मांगने और मारपीट करने के एक मामले में तीन सहोदर भाइयों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह घटना 12 नवंबर 2016 को शेखोपुरसराय गांव में हुई थी। दोषी ठहराए गए व्यक्तियों में शेखोपुरसराय के ब्रह्मदेव यादव के पुत्र कृष्ण यादव और मुकेश कुमार, तथा डोमन यादव के पुत्र पप्पू कुमार यादव शामिल हैं। अभियोजन पदाधिकारी उपेंद्र चौधरी ने बताया कि इन तीनों ने अपने गांव के राम लखन प्रसाद और उनकी पत्नी सरस्वती देवी के साथ मारपीट की थी। वे दंपति पर अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। दोषियों का आरोप था कि इस मुकदमे के कारण उन्हें पटना उच्च न्यायालय तक भारी खर्च उठाना पड़ा है। उन्होंने दंपति से इस खर्च का भुगतान करने की मांग की और भुगतान न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। न्यायालय में लगभग 10 सालों तक चली सुनवाई इसके बाद, आरोपियों ने घर में घुसकर दंपति के साथ मारपीट की, जिससे वे लहूलुहान हो गए। घायल दंपति ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया और न्यायालय में लगभग 10 वर्षों तक सुनवाई चली। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 2 वर्षों के सश्रम कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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