शिव कथा में भक्तों ने सुना तारकासुर वध प्रसंग:डॉ. सर्वेश्वर बोले ब्रह्मज्ञान से ही संभव ईश्वर का प्रत्यक्ष दर्शन
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शिव कथा में भक्तों ने सुना तारकासुर वध प्रसंग:डॉ. सर्वेश्वर बोले ब्रह्मज्ञान से ही संभव ईश्वर का प्रत्यक्ष दर्शन
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गढ़ रोड स्थित बुद्धा गार्डन में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव कथा के छठे दिन तारकासुर वध का प्रसंग सुनाया गया। कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर ने कहा कि ‘तारकासुर’ ऐसे तथाकथित गुरुओं का प्रतीक है, जो मार्गदर्शन तो करते हैं, लेकिन स्वयं ईश्वर दर्शन से अनभिज्ञ होते हैं और लोगों को भ्रमित करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ण गुरु वही है, जो ब्रह्मज्ञान के माध्यम से साधक को भीतर ही ईश्वर का प्रत्यक्ष अनुभव कराए। इसी ज्ञान को शास्त्रों में सर्वोच्च माना गया है। विशेष अतिथि के रूप में सोमेंद्र तोमर (राज्य मंत्री), राजेंद्र अग्रवाल (पूर्व संसद, मेरठ) और सतबीर त्यागी (पूर्व विधायक, किठौर) भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष स्वामी आदित्यानंद ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज के ब्रह्मज्ञान को मानव जीवन में परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान के माध्यम से हजारों साधु-साध्वियां सनातन धर्म के संरक्षण में जुटे हैं और समाज को आध्यात्मिक मार्ग दिखा रहे हैं। इस दौरान भजनों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय रहा। कथा का समापन दिव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
