कानपुर में शनिवार शाम सपा की ओर से ईद-होली मिलन समारोह रखा गया। इसमें सपा नेता शिवपाल यादव के साथ नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी शामिल हुए। विधायक रागिनी सोनकर भी मंच पर थीं। सपा विधायक नसीम सोलंकी इस दौरान भावुक हो गईं। उनके आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा- मुझे अपने चुनाव के वे दिन याद आ गए, जब यही लोग इसी मंच पर साथ मौजूद थे। इतना कहते हुए वो आंसू पोछने लगीं। नसीम ने शायरी सुनाई- “जो जुल्म हो रहा था, न यह सुबह आखिरी है, न यह शाम आखिरी है, जहां जुल्म की कसरत हो, वो निजाम आखिरी है।” 2 तस्वीरें देखिए- शिवपाल बोले- भाजपा सरकार ने जनता को लूटने का काम किया शहर के जीआईसी मैदान में कार्यक्रम रखा गया। मुख्य अतिथि शिवपाल यादव ने कहा- अगर पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है तो लोग लाइन में क्यों लगे हैं? हकीकत यह है कि भाजपा ने केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को लूटने का काम किया है। जनता से सिर्फ झूठे वादे किए हैं। सपा और PDA के लोग एकजुट हैं। PDA के गठन से भारतीय जनता पार्टी घबराई है। 2027 में PDA की ही सरकार बनेगी। शिवपाल ने PM मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सपा पर प्रदेश को ATM कार्ड की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। पलटवार करते हुए शिवपाल ने कहा- भाजपा सरकार ने ही जनता को लूटने का काम किया है, जिससे लोग परेशान हो चुके हैं। शिवपाल बोले- PDA से भाजपा घबराई समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने कहा- PDA की बढ़ती ताकत से भाजपा बहुत घबराई है। यह कुछ गिने-चुने पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि आम जनता से सिर्फ वादे किए जा रहे हैं। पार्टी के पोस्टर में आजम खान की फोटो नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आजम खान पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। दो बार सांसद रह चुके हैं। वह बड़े नेता हैं और रहेंगे। साथ ही उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अब सिर्फ आउटसोर्सिंग की नौकरियां ही बची हैं। ————————— ये खबर भी पढ़िए- अखिलेश दादरी रैली से मिशन 2027 की शुरुआत करेंगे: गुर्जर वोटबैंक में सेंधमारी का है प्लान, वेस्ट यूपी की 24 सीटों पर है असर सपा प्रमुख अखिलेश यादव रविवार को नोएडा दादरी में ‘समाजवादी समता भाईचारा रैली’ करेंगे। इसे सपा के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज माना जा रहा है। सवाल यह है कि अखिलेश यादव ने चुनाव कैंपेन शुरू करने के लिए नोएडा को ही क्यों चुना? दरअसल, पश्चिमी यूपी में गुर्जर वोट काफी अहम है। अब-तक ये भाजपा का साथ देता आया है। अब सपा इस गठजोड़ में सेंधमारी करना चाहती है। तो क्या यह जयंत चौधरी की कमी को गुर्जर वोटबैंक से पूरा करने की रणनीति है? क्या वाकई गुर्जर समाज सपा के साथ आएगा? पढ़ें पूरी खबर…

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