कुशीनगर जनपद में ईद-उल-फितर के अवसर पर शिया समुदाय के लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। यह कदम खुशी और उल्लास के पारंपरिक माहौल से हटकर शोक और विरोध के प्रतीक के रूप में देखा गया। समुदाय के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने ईरान से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर अपना दुख व्यक्त करने के लिए यह तरीका अपनाया। नमाज के दौरान उन्होंने अपने हाथों या बाजुओं पर काली पट्टी बांधी और शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। देखें, 3 तस्वीरें… शिया समुदाय के एडवोकेट मिर्जा इलियास हैदर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अली हुसैनी ख़ामेनेई से जुड़े घटनाक्रम को लेकर समुदाय में गहरा दुख है। उन्होंने कहा कि शिया समुदाय ने इसके प्रति शोक व्यक्त किया, विरोध दर्ज कराया और अमन-चैन के लिए दुआ की। नमाज के बाद भी शिया समुदाय के लोगों ने सादगी बनाए रखी। उन्होंने पारंपरिक उत्सव के बजाय संयमित तरीके से एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

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