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शिमला का सुन्नी हत्याकांड, यूपी से तीसरा आरोपी अरेस्ट:एक महीने से था फरार, लगातार ठिकाने बदल रहा, अपहरण कर की युवक की हत्या
शिमला पुलिस ने सुन्नी हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीसरे और अंतिम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में शामिल सभी आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी की पहचान महेश कुमार चौहान (31) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के जंगल बिंदवालिया गांव का निवासी है। शिमला पुलिस की टीम ने उसे कुशीनगर से गिरफ्तार किया। आरोपी महेश कुमार चौहान फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। अन्य आरोपियों को भी उसका स्थायी पता ज्ञात नहीं था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से उसका पता लगाया और स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे पकड़ा। कुशीनगर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लिया जाएगा महेश कुमार चौहान को जिला कोर्ट, कुशीनगर के समक्ष प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद उसे शिमला की कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले, इसी टीम ने 25 मार्च 2026 को अरुण कुमार राम (31) को मुजफ्फरपुर, बिहार से गिरफ्तार किया था। बिकेश कुमार (31) को 28 मार्च 2026 को नेपाल बॉर्डर, बिहार से पकड़ा गया था। अरुण कुमार राम और बिकेश कुमार को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में शिमला की कैथू जेल में रखा गया है। जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को अब गिरफ्तार किया जा चुका है। जानिए क्या है पूरा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी चतुरी राम ने सुन्नी थाने में 15 मार्च को अपने बेटे राम प्रवेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका बेटा बसंतपुर में किराए के कमरे में रहकर मकान निर्माण का काम करता था। होली के दिन से वह लापता था और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच टीम ने लापता राम प्रवेश के साथ रहने वाले साथियों से पूछताछ की और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले। तकनीकी माध्यमों से जुटाई गई जानकारी में पता चला कि लापता युवक का उसी काम में लगे अरुण नामक व्यक्ति से विवाद था। मकान का ठेका लिया था अरुण ने बसंतपुर में दौलत राम के मकान का ठेका लिया था और दोनों एक ही मकान में किराए पर रहते थे। होली के दिन देर रात उनके बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से युवक गायब था। पुलिस को संदेह हुआ कि अरुण ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। इस आशंका के आधार पर पुलिस टीम ने बसंतपुर क्षेत्र में तलाश शुरू की। जल्द ही एक जगह से शव को खोदकर निकाला गया। शिनाख्त के बाद मामले की गंभीरता स्पष्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को दफना दिया गया था।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी अरुण कुमार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से दबोच लिया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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