कानपुर में एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। अभियान की तैयारी को लेकर शनिवार को सीडीओ दीक्षा जैन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को गांव-गांव विशेष अभियान चलाकर हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रतिदिन होने वाले नामांकन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर अनिवार्य रूप से साझा की जाए, जिससे अभियान की नियमित समीक्षा की जा सके। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पंचायती राज और श्रम विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रवेश के समय जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड न होने की स्थिति में किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे बच्चों की पहचान करें जो स्कूल से बाहर सीडीओ ने कहा कि गांव स्तर पर घर-घर संपर्क स्थापित कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं। छह वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का कक्षा एक में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए और इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
सीडीओ दीक्षा जैन ने कहा कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। सूची की जाएगी तैयार उन्होंने आमजन से भी अनुरोध किया कि यदि किसी को अपने आसपास कोई बच्चा स्कूली शिक्षा से वंचित दिखे तो उसका दाखिला निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय में अवश्य कराएं। इस अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि कक्षा पांच उत्तीर्ण बच्चों का कक्षा छह तथा कक्षा आठ उत्तीर्ण बच्चों का कक्षा नौ में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। गांवों में परिवार सर्वेक्षण कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाएगी जो विद्यालय से बाहर हैं। श्रमिक परिवार के बच्चे जाएंगे स्कूल बैठक में निर्देश दिए गए कि झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट भट्ठों और श्रमिक परिवारों के बच्चों को विशेष अभियान चलाकर विद्यालय से जोड़ा जाएगा। श्रम विभाग को दस हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया है। सीएमओ हरिदत्त नेमी ने कहा कि विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। बैठक में डीआईओएस डॉ. संतोष राय, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह आदि रहे।

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