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शिक्षा, सड़क और रेल से 2026 में बदलेगा अरवल:650 करोड़ से लगभग 14KM लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को मिली मंजूरी

साल 2025 का अंतिम दिन अरवल के लिए नई उम्मीदों और बड़े सपनों का संदेश लेकर आया है। लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहे अरवल के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। शिक्षा, सड़क, रेल, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी कई बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कई योजनाएं जमीन पर उतरने को तैयार हैं। इन फैसलों से न सिर्फ जिले की बुनियादी संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। करपी प्रखंड के झिकटिया गांव में केंद्रीय स्कूल के स्थायी भवन निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। तत्कालीन जिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद भेजे गए प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक स्कूल भवन के साथ प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वार्टर, खेल का मैदान और छात्रावास की सुविधा होगी। इसके निर्माण से अरवल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी और पढ़ाई के लिए बाहर पलायन की मजबूरी कम होगी। 650 करोड़ का ग्रीनफील्ड बाईपास, जाम से मिलेगी राहत अरवल शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने 650 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 14 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को मंजूरी दी है। यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर बनेगा, जो पटना को औरंगाबाद होते हुए झारखंड से जोड़ता है। बाईपास के निर्माण के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही बाहर से गुजर सकेंगे। इससे जाम, प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अरवल–बिहार शरीफ फोर लेन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी वर्ष 2026 अरवल के लिए बेहद अहम साबित होगा। अरवल–बिहार शरीफ फोर लेन सड़क परियोजना के तहत जिले में तीन नए बाईपास प्रस्तावित हैं। जलपुरा मोड़ पर 2.20 किमी, इमामगंज में 3.30 किमी और किंजर में 3.15 किमी लंबे बाईपास बनाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए 665.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। सांसद सुरेंद्र यादव, जिला प्रशासन और तत्कालीन डीएम कुमार गौरव की सक्रिय भूमिका से यह योजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। इसके पूरा होने से पटना, बिहार शरीफ और गया की दूरी कम होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और जिले में व्यापार व निवेश के नए अवसर खुलेंगे। 2026 बनेगा विकास का मील का पत्थर शिक्षा और सड़क के साथ रेल व अन्य आधारभूत सुविधाओं में प्रस्तावित विस्तार से अरवल की तस्वीर आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। 2026 को जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि अरवल के विकास का मील का पत्थर मान रहे हैं, जो जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।


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