शाहजहांपुर। नगर निगम क्षेत्र में शहीदों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से हटाने का मामला तूल पकड़ गया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित फर्म को कार्य से हटाने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। घटना नगर निगम कार्यालय के पास की है, जहां शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाओं को हटाकर उनका मलबा डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया। यहां 40 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य फ्लाई इंफ्राटेक फर्म को दिया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद प्रतिमाओं के मलबे के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नगर निगम की कड़ी आलोचना शुरू हो गई। सोमवार रात महापौर अर्चना वर्मा मौके पर पहुंचीं और नगर आयुक्त डॉ. विपिन मिश्रा से नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। मामला उस समय और गरमा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया और प्रशासन हरकत में आया। डीएम ने दिए सख्त निर्देश मंगलवार को जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को तलब कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित फर्म को हटाने, एफआईआर दर्ज कराने और कार्य का पर्यवेक्षण कर रहे जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिए। बिना सूचना हटाई गईं प्रतिमाएं, डीएम ने जताई नाराजगी जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गांधी सभागार के सामने स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं को बिना किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासन को सूचना दिए हटाया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। डीएम ने निर्देश दिया कि भविष्य में यदि किसी प्रतिमा को हटाना पड़े तो पहले जनप्रतिनिधियों और मेयर को जानकारी दी जाए। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ ही प्रतिमाओं को हटाया जाए।

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