शाहजहांपुर में अमर शहीदों की प्रतिमाओं को नगर निगम ने बुलडोजर से तोड़ दिया। इन प्रतिमाओं के मलबे को बाद में डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना नगर निगम कार्यालय के सामने सड़क किनारे स्थापित प्रतिमाओं के साथ हुई। ये प्रतिमाएं शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह की थीं, जिनका नाम काकोरी कांड के संदर्भ में प्रमुखता से लिया जाता है। लोग इन प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने आते थे। रविवार रात को नगर निगम ने बुलडोजर चलाकर इन प्रतिमाओं को ध्वस्त कर दिया। प्रतिमाओं के साथ उनके नाम लिखे पत्थरों को भी बुलडोजर से हटाया गया और फिर मलबे को डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया। सोमवार सुबह जब लोगों ने टूटी हुई प्रतिमाएं देखीं तो उनमें गुस्सा भड़क उठा।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अब तक माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलते देखा था, लेकिन शाहजहांपुर में शहीदों की प्रतिमाओं पर बुलडोजर चला दिया गया। नगर आयुक्त डॉ. विपिन मिश्रा ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि तिराहे पर जगह कम होने और जाम की स्थिति बनने के कारण प्रतिमाओं को वहां से हटाकर लगभग 15 से 20 फीट पीछे स्थापित किया जाना था। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिमाओं को पूरे सम्मान के साथ नए चार स्टैंड पर लगाया जाएगा, जो तैयार हो चुके हैं। डॉ. मिश्रा ने यह भी स्वीकार किया कि प्रतिमाओं को जिस तरह से तोड़ा गया, उसमें लापरवाही बरती गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार संस्था से जवाब मांगा जा रहा है और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता उर्फ मुन्ना ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अमर शहीदों की प्रतिमाओं को तोड़कर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने प्रतिमाओं को तोड़ने वालो पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उन प्रतिमाओं का सौंदर्यीकरण नही कराया गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।

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