अमरोहा में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। 5 अप्रैल को होने वाली शादी से ठीक पहले एक परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया और उनकी बेटी को कथित रूप से अगवा कर लिया गया। परिजन अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। अमरोहा देहात के निजामपुर सैंदरी गांव निवासी असलम के मुताबिक, 29 मार्च की रात गांव के ही रिजवान और जुनैद उनके घर आए थे। आरोप है कि दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया।
खाना खाने के कुछ ही देर बाद पूरा परिवार बेहोश हो गया। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक बड़ी साजिश रची जा चुकी है। पड़ोसियों ने बचाई जान, अस्पताल में भर्ती हुआ परिवार घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसी आरिफ और अशरफ घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को अचेत हालत में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। असलम, उनकी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों समेत कई लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी को नशीला पदार्थ दिए जाने की आशंका है।
होश आया तो बेटी गायब, अपहरण का आरोप जब असलम को होश आया, तो सबसे बड़ा झटका उनका इंतजार कर रहा था—उनकी बेटी नरगिस घर में नहीं थी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रिजवान उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और जुनैद ने इसमें उसकी मदद की। शादी से ठीक पहले बेटी के गायब होने से परिवार सदमे में है। घर में जहां बारात की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन, पुलिस पर उठे सवाल पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई न होने से नाराज होकर ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द गिरफ्तारी और बेटी की बरामदगी की मांग की है। यह घटना 2008 के बावनखेड़ी कांड की याद दिला रही है, जहां परिवार को नशीला पदार्थ देकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि इस बार पड़ोसियों की सतर्कता से जान बच गई, लेकिन बेटी का अपहरण इलाके में डर और गुस्से का कारण बना हुआ है।

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