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शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, NBW जारी:फर्रुखाबाद में 7 अलग-अलग मामलों में कोर्ट ऑर्डर ना मानने पर कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी के आदेश


                 शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, NBW जारी:फर्रुखाबाद में 7 अलग-अलग मामलों में कोर्ट ऑर्डर ना मानने पर कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी के आदेश

शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, NBW जारी:फर्रुखाबाद में 7 अलग-अलग मामलों में कोर्ट ऑर्डर ना मानने पर कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी के आदेश

यूपी के फर्रुखाबाद में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर कोतवाली को 7 दिन की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कोतवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया है। कोर्ट ने एसपी को आदेश जारी करते हुए अगले 24 घंटे में कोतवाली को कोर्ट के समक्ष उपस्थित करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई थाना कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज जानलेवा हमले, गोवध अधिनियम और धोखाधड़ी सहित सात अलग-अलग मामलों के संदर्भ में की गई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्यायिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है। आदेशों की बार-बार अनदेखी लोकसेवक के कर्तव्यों के विपरीत है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए…
शहर कोतवाली में प्रभारी पद पर तैनात कोतवाल दर्शन सिंह सोलंकी के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय की अवहेलना का दोषी मानते हुए सात दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक को 6 अप्रैल तक उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है। मामला थाना कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज जानलेवा हमले, गोवध अधिनियम और धोखाधड़ी सहित सात अलग-अलग मामलों से जुड़ा है। इन मामलों में न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट तथा धारा 82/83 के तहत कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए थे। शहर कोतवाल को इन वारंटों को तामील कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करनी थी, लेकिन उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया। इसी को न्यायालय ने गंभीर लापरवाही माना। बार-बार नोटिस के बावजूद कोर्ट में नहीं हुए पेश
अदालत ने 1 अप्रैल को नोटिस जारी कर कोतवाल को 3 अप्रैल को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस तामील होने के बावजूद वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई जवाब दाखिल किया। इसके बाद बीएनएसएस की धारा 388 के तहत उन्हें 3 अप्रैल दोपहर 3:30 बजे तक अंतिम अवसर दिया गया, लेकिन इस बार भी वे अदालत में पेश नहीं हुए। इस मामले को लेकर एसपी आरती सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ———————————————— ये खबर भी पढ़िए… बेटी के तलाक पर रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़े बजवाए:परिवार ने जमकर डांस किया; 8 साल पहले मेजर से हुई थी शादी
मेरठ में शनिवार को तलाक का एक अनोखा मामला सामने आया। यहां एक परिवार ने तलाक के बाद बेटी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। ढोल की थाप पर लोग कोर्ट से घर तक नाचते-गाते नजर आए। मिठाइयां बांटी गईं। रिटायर्ड जज पिता ने फूल-माला पहनाकर घर में बेटी का स्वागत किया। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य ब्लैक कलर की टी-शर्ट पहने दिखे। जिस पर बेटी की तस्वीर थी और लिखा था- “आई लव माय डॉटर”। पढ़ें पूरी खबर…


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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