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शक्ति की उपासनाः कल से चैत्र नवरात्रि शुरू:प्रयागराज में सज गए देवी के दरबार, मंदिरों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, सुरक्षा पुख्ता
19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। हिंदू नववर्ष के पहले दिन से शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय उत्सव को लेकर संगम नगरी पूरी तरह भक्तिमय हो चुकी है। मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का काम अंतिम चरण में है, वहीं बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के लिए विशेष संयोग बन रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए घट स्थापना का सबसे उत्तम समय इस प्रकार है: प्रातः काल मुहूर्त: सुबह 06:15 बजे से 08:20 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:45 बजे से 12:35 बजे तक (यह समय सबसे श्रेष्ठ माना जाता है)। प्रयागराज के प्रमुख मंदिरों में उमड़ेगी आस्था नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। प्रयागराज के प्रमुख सिद्धपीठों में विशेष तैयारियों की गई हैं। आलोप शंकरी मंदिर जो 51 शक्ति पीठ में एक है यहां सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगती है। ललिता देवी मंदिर (मीरापुर) यहाँ ब्रह्म मुहूर्त से ही विशेष आरती और श्रृंगार दर्शन होंगे। कल्याणी देवी मंदिर शक्तिपीठ होने के कारण यहाँ भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इन सभी मंदिरों में दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए विशेष कतारों की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस ने मंदिरों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह और प्रवेश द्वारों पर तीसरी आँख का पहरा रहेगा। भीड़ नियंत्रण के लिए सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों (एंटी-रोमियो स्क्वॉड) की तैनाती की गई है।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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