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वेदपाल जिंदा रहे, इसलिए जेल में रहने दिया:भाई ने कहा-2 फरवरी को गर्लफ्रेंड की शादी तोड़ी; अलीगढ़ के अस्पताल में मर्डर हुआ
मैं जानता था कि मेरे भाई वेदपाल का अफेयर उसकी मौत की वजह बनेगा। इसलिए उसकी 14 दिन तक जमानत नहीं कराई। हम जानते थे कि वह जेल में रहेगा तो जिंदा रहेगा। 2 फरवरी को उसने शादी तोड़ दी थी। 3 फरवरी को लड़की की दूसरी जगह शादी हुई। अगर वेदपाल बाहर आता, तो उसे भी तुड़वा देता। जान बचाने के लिए उसे जेल में रहने दिया। यह कहना है अलीगढ़ में अफेयर में मारे गए वेदपाल के छोटे भाई सोनपाल का। वेदपाल की 16 मार्च को अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुआ था। पुलिस ने मथुरा की रहने वाली लड़की के पिता देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसके सिपाही भाई को हिरासत में लिया है। जबकि PAC का जवान चचेरा भाई अभी फरार है। भाई के अफेयर के बारे में नहीं पता था
खैर थाना के अहरौला गांव निवासी सोनपाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मुझे नहीं पता था कि भाई का मथुरा की लड़की से अफेयर चल रहा है। 6 महीने पहले जब लड़की के घर वाले शिकायत करने आए, तब हमें पता चला कि दोनों के बीच पिछले 5 साल से अफेयर चल रहा था। लड़की के घर वालों ने कहा था कि अगर हैसियत होती तो अपनी लड़की की शादी वेदपाल से कर देते। मगर तुम्हारी हमारी हैसियत में अंतर है, इसलिए रिश्ता नहीं होगा। अपने भाई को समझा लो। हमारी लड़की अब वेदपाल से कोई मतलब नहीं रखेगी। हम लोग भी यही चाहते थे कि लड़की की शादी उसके माता-पिता की मर्जी से हो। हम लोगों ने वेदपाल को खूब समझाया। मगर वह नहीं माना। जिद पर अड़ गया कि शादी उस लड़की से करेगा। 2 फरवरी को लड़की की शादी थी। वेदपाल वहां पहुंच गया। उसने जमकर हंगामा किया। इससे लड़की की शादी टूट गई। बरात लौट गई। तब लड़की के घरवालों ने वेदपाल की जमकर पिटाई की थी। फिर उसे मथुरा पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे शांति भंग में जेल भेजा था। शादी बचाने को वेदपाल की जमानत नहीं कराई
सोनपाल ने कहा कि हम जानते थे कि 3 फरवरी को लड़की की शादी आनन-फानन में दूसरी जगह कर दी गई थी। अगर वेदपाल बाहर आता तो उसे भी तुड़वा देता। इस शादी को बचाने के लिए हमने जानबूझकर उसे 14 दिन तक जेल में ही रहने दिया। सोचा था कि लड़की की शादी के बाद वह शांत हो जाएगा। मगर ऐसा हुआ नहीं। वहीं लड़की के घरवालों का भी गुस्सा शांत नहीं हुआ था। 12 फरवरी को वेदपाल जेल से रिहा हुआ। लड़की के घरवालों ने जेल के बाहर ही उसपर हमले की तैयारी की थी। जैसे ही वेदपाल बाहर आया, उसे लड़की पक्ष के 25-30 लोगों ने घेर लिया था। मुझे इसकी जानकरी हुई तो मैंने जेल पुलिस को सूचना दी। कारागार प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस वेदपाल को अलीगढ़ की सीमा तक छोड़कर गई। इसके बाद भी हमलावर शांत नहीं हुए। जेल से छूटने के बाद लड़की को फोन किया
सोनपाल ने बताया कि हमे पता चला कि जेल से छूटने के बाद भी वेदपाल रिश्ता तुड़वाना चाहता था। वह लड़की को फोन कर परेशान कर रहा था। इसकी जानकारी जब लड़की के घरवालों को हुई तो वह 14 मार्च को खैर के 2 लोगों से मिले। उनसे कहा कि वेदपाल से कह दो कि अब सुधर जाए। लड़की का रिश्ता हो चुका है। उसे परेशान न करे। वरना अंजाम बुरा होगा। उन लोगों ने वेदपाल को समझाया, लेकिन वेदपाल नहीं माना। इसके बाद उसकी हत्या की योजना बनाई गई। लड़की के घरवाले गांव में भी मारने पहुंचे थे
सोनपाल ने बताया कि 14-15 मार्च को वेदपाल को मारने के इरादे से लड़की पक्ष के लोग गांव आए थे। मगर उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने गांव के ही 2 लोगों से वेदपाल पर नजर रखने को कहा। जब मेरा भाई हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए मैरिस रोड स्थित रेनुका अस्पताल में भर्ती हुआ तो इन्हीं लोगों ने मुखबिरी कर दी। 16 मार्च को हाथ के ऑपरेशन के बाद मेरा भाई वेदपाल अस्पताल के बेड पर सो रहा था। तभी लड़की के भाई पहुंच गए। दोनों ने भाई को पहले कई वार्ड में खोजा। आखिर में वे पहली मंजिल पर स्थित रूम नंबर- 105 में पहुंचे, जहां वेदपाल सो रहा था। वहां पर एक युवक ने भाई के सिर पर सटाकर तमंचे से गोली मार दी। गोली मारने वाला शूटर बताया जा रहा है, जिसे पीएसी का जवान भूपेंद्र चौधरी बाइक पर बैठाकर अस्पताल लेकर पहुंचा था। पुलिस ने क्या कार्रवाई की, पढ़िए… इस हत्याकांड में पुलिस बागपत में तैनात लड़की के सिपाही पिता को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है। वहीं, हत्या का मुख्य आरोपी भूपेंद्र फरार है। जबकि आगरा में तैनात सिपाही भाई जितेंद्र को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवती का भाई हत्या में शामिल था या नहीं। वहीं पुलिस फरार जवान की लोकेशन गाजियाबाद, मथुरा और इटावा में तलाश रही है। अब पढ़िए कैसे शुरू हुई थी लव स्टोरी… मथुरा की प्राइवेट कंपनी में मिले थे
वेदपाल (32) ने जीबीयू से बीए-एलएलबी किया था। करीब 6 साल पहले वेदपाल मथुरा की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात मथुरा के गोविंदनगर में रहने वाली एक लड़की से हुई। लड़की भी उसी कंपनी में काम करती थी। साथ काम करते-करते दोनों की दोस्ती हुई। एक साल के अंदर धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद अगले 5 साल तक दोनों का अफेयर चला। वेदपाल के पिता धर्मवीर पेशे से किसान हैं। जबकि युवती का परिवार रसूखदार और पुलिस महकमे से जुड़ा है। जब लड़की के घरवालों को दोनों के रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने वेदपाल की कुंडली खंगाली। इसके बाद लड़की के घरवालों ने रिश्ता करने पर ऐतराज जताया। रिश्ता लेकर गया वेदपाल, लड़की पीछे हटी
लड़की के घरवालों के मना करने के बाद भी वेदपाल ने हार नहीं मानी। वह खुद उसके घर रिश्ते की बात करने गया। उसके घरवालों से कहा कि हम दोनों एक ही जाति के हैं। मैं आपकी बेटी को हमेशा खुश रखूंगा। उसकी बातों में आकर लड़की भी शुरुआत में शादी के लिए अड़ी रही। लेकिन, वेदपाल के जाने के बाद जब उसके पुलिसकर्मी पिता-भाइयों ने डांटा और समझाया, तो लड़की पीछे हट गई। उसने भी वेदपाल से बात करना बंद कर दिया। इसके बाद घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। इससे बौखलाए वेदपाल ने शादी तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। …………………. ये खबर भी पढ़िए- प्रेमिका के पति को फोटो भेजे, भाई ने गोली मारी:6 साल का अफेयर, शादी में गरीबी आड़े आई; अलीगढ़ के अस्पताल में मर्डर की कहानी अलीगढ़ में एक अस्पताल में 16 मार्च को सिपाही ने बहन के प्रेमी की हत्या कर दी थी। पुलिस और गांववालों ने इसको लेकर कई ऐसी बातें बताईं, जो चौंकाने वाली हैं। दरअसल, यह हत्याकांड एक लव स्टोरी की वजह से हुआ। मारा गया युवक सिपाही की बहन से मोहब्बत करता था। बहन भी उसे दिल से चाहती थी। लेकिन, इस बीच बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो हत्या की वजह बना। दैनिक भास्कर की खास खबर में पढ़िए प्यार से शुरू हुई कहानी का अंत मौत तक कैसे पहुंचा…। पढ़ें पूरी खबर
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