भास्कर न्यूज|दरभंगा नया वर्ष 2026 वर्ष का प्रारंभ गुरुवार से हो रहा है। साथ ही अंकज्योतिष के अनुसार 2+0+2+6= 10 = 1+0 = 1 जिसका अधिपति सूर्य है। साथ ही जनवरी 2026 में ग्रहों का खास संयोग बन रहा है। एक साथ पांच बड़े ग्रहों का मिलन होगा,जिसे पंचग्रही योग कहा जाता है। यह योग बहुत ही दुर्लभ योग होता है और इसका असर लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। वर्ष 2026 में वृहस्पति और मंगल की चाल बदलेगी हालांकि शनि फिलहाल वक्री है। इसी के साथ यदि हम हिन्दू संवत्सर की बात करें तो फिलहाल सिद्धार्थ संवत्सर चल रहा है इसके बाद 19 मार्च 2026 से रौद्र नामक संवत्सर प्रारंभ हो रहा है जो भारत की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना है। वैदिक पंचांग के अनुसार 2026 के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे, ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति से ही देश और दुनिया की दिशा व दशा तय होती है वैसे तो गुरु का राजा होना शुभ माना जाता है इससे धर्म की ओर लोगों का झुकाव बढ़ता है और धार्मिक कार्य अधिक होते हैं लेकिन मंगल का मंत्री होना विश्व के लिए अशांति और तनाव का संकेत है।यह बात मां बगलामुखी पीठ परिषद के संस्थापक एवं ज्योतिष मर्मज्ञ पं. महेश मोहन झा ने कही। मेष:- करियर में प्रगति, नये अवसर, आर्थिक प्रगति। वृष:- नौकरी व्यवसाय में लाभ, विदेश योग। मिथुन:- भाग्योदय, शिक्षा लाभ, प्रोन्नति, धन-लाभ, शेयर बाजार से सावधान। कर्क:- मानसिक हलचल, परंतु सफलता भी मिलेगी, सतर्क रहें। सिंह:- भाग्य मजबूत, जीवन में बड़ा बदलाव। कन्या:- कार्य क्षेत्र में बड़ी सफलता पर तनाव। तुला:- विवाह, साझेदारी में लाभ। वृश्चिक:- स्वास्थ्य में लाभ, नौकरी में स्थिरता। धनु:- शिक्षा, प्रेम, संतान सुख में सुधार। मकर:- केतु प्रभाव से निर्णय सोच-समझकर लें। कुंभ:- जीवन में सहजता बढ़ेगी। मीन:- शनि की ढैय्या प्रारंभ मेहनत बढ़ेगी।
https://ift.tt/ehgSb4n
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply