आध्यात्मिक गुरु मास्टर जी वृंदावन में 5 वां चार दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव मना रहे हैं। इस उत्सव में शामिल होने के लिए देश विदेश के एक हजार से ज्यादा लोग शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचे हैं। उत्सव का शुभारंभ प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन महाराज ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस उत्सव के जरिए मास्टर जी लोगों को जीवन में खुशहाल रहने के गुर बता रहे हैं। गीता सिखाती जीवन जीने की कला 4 दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव का शुभारंभ प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन महाराज ने भगवान कृष्ण और गीता के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान आध्यात्मिक गुरु मास्टर जी ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला तो सिखाती है साथ ही मृत्यु को प्रसाद रूप में ग्रहण करना भी सिखाती है। गीता ज्ञान होने पर जीवन में इतना रस भर जाता है कि वह रास का रूप ले लेता है। 108 घंटे अनवरत चलेगा उत्सव वृंदावन के रूक्मणी बिहार स्थित एक होटल में चल रहे इस उत्सव में 108 घंटे अनवरत रूप से उत्सव चलेगा। जिसमें गीता ज्ञान,साधना,भक्ति संगीत,साधु संत,भागवत प्रवक्ताओं के प्रवचन आदि चल रहे हैं। इस दौरान मास्टर जी ने कहा कि श्री मद्भागवत गीता के ज्ञान को आम बोलचाल की भाषा में लोगों तक पहुंचा कर उनके जीवन को खुशहाल बनाना है। मास्टर जी का लक्ष्य है कि वह 800 करोड़ लोगों तक अपनी बात पहुंचाएं। 30 मार्च तक चलेगा उत्सव मास्टर जी ने बताया कि 30 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव में उनकी वाणी,भजन,नृत्य के साथ लेजर लाइट के जरिए आत्मबोध की कथा प्रदर्शित की जाएगी। भक्तों के प्रश्नों का उत्तर दिया जाएगा। उत्सव में शामिल सभी लोग वृंदावन की पांच कोस की परिक्रमा भी करेंगे। हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले राजेश का मुंबई में अच्छा व्यापार था। 2007 में पहाड़ों की 9 दिन की यात्रा ने उनके जीवन को बदल दिया और वह मास्टर जी बन गए। राजेश से बने मास्टर जी ने व्यापार को छोड़ कर लोगों को गीता के बारे में सन्देश देना शुरू कर दिया। जिससे उनके जीवन में खुशहाली आए।

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