वीकेंड पर बाबा विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब:मंदिर के बाहर लगी 2 KM लंबी लाइन, गर्मी से बचाव के लिए लगा है जर्मन हैंगर
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वीकेंड पर बाबा विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब:मंदिर के बाहर लगी 2 KM लंबी लाइन, गर्मी से बचाव के लिए लगा है जर्मन हैंगर
काशी विश्वनाथ मंदिर में वीकेंड की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। चिलचिलाती गर्मी और तापमान के 40 डिग्री के करीब पहुँचने के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। शनिवार सुबह से ही लाखों श्रद्धालु बाबा के दरबार में दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। स्थिति यह थी कि मंदिर से 2 किलोमीटर तक लंबी लाइन दिखी। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। लंबी-लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक और सुव्यवस्थित इंतजाम किए हैं, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे। अब देखिए तस्वीर… गर्मी से राहत के लिए विशेष व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं को तेज धूप और गर्मी से बचाने के लिए प्रशासन ने कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। जिसमें पैरों को गर्म जमीन से बचाने के लिए रास्तों पर कारपेट बिछाए गए हैं। छांव के लिए जर्मन हैंगर लगाए गए हैं। ठंडी हवा के लिए फव्वारा युक्त पंखों की व्यवस्था की गई है। लाइन में लगे श्रद्धालुओं को लगातार ठंडा पानी और इलेक्ट्रॉल का घोल पिलाया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं के चलते भीषण गर्मी में भी श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल रही है। श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। उनका कहना है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद दर्शन जल्दी और व्यवस्थित तरीके से हो रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने इन सुविधाओं के लिए नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद भी जताया। कुछ श्रद्धालुओं ने तो यह तक कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की व्यवस्थाएँ बनी रहनी चाहिए। हर वीकेंड बढ़ती है भीड़ मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने कहा – प्रत्येक वीकेंड पर यहाँ करीब 3 लाख से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने पहुँच रहे हैं। न केवल श्रद्धालु बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी इस दिव्य स्थल का अनुभव लेने आ रहे हैं। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि हर भक्त को सुगमता और सुरक्षित तरीके से बाबा विश्वनाथ के दर्शन हो सकें।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
