योगी सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार कर लिया है। अब इन शिक्षकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का विकल्प मिलेगा। विशेष सचिव (शिक्षा) उमेश चन्द्र ने पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार इन शिक्षकों को पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल होने का विकल्प दिया जाए। क्या है पूरा मामला? प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में 2002 के आसपास नियुक्त हजारों विषय विशेषज्ञ शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन की मांग कर रहे थे। वित्त विभाग के 28 जून 2024 के शासनादेश में पहले से ही सरकारी कर्मचारियों और कुछ संस्थानों को OPS का एक बार का विकल्प देने का प्रावधान दिया था। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग में इसका पालन नहीं हुआ था। शिक्षकों ने इसे लेकर कई पत्र भेजे थे। इसके बाद अब विशेष सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि इन शिक्षकों को NPS से हटाकर OPS में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। साथ ही आगे की कार्रवाई इसी शासनादेश और संबंधित नियमों के आधार पर होगी। शिक्षकों में खुशी की लहर यह फैसला करीब 2200 से अधिक विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को सीधे लाभ पहुंचाएगा। जिनकी नियुक्ति 2002 में हुई थी। ये शिक्षक लगातार मांग कर रहे थे कि उन्हें भी पुरानी पेंशन का लाभ मिले, जैसा अन्य सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को मिल रहा है। शिक्षक संगठनों ने इसे ‘बड़ी जीत’ करार दिया है।

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