विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के वीर बंदा बैरागी ऑडिटोरियम में प्रसिद्ध नाटक ‘किस्सा कुर्सी का’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और रंगकर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। नाटक के जरिए सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को न केवल मनोरंजन किया बल्कि गंभीरता से सोचने पर भी मजबूर कर दिया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और जीवंत मंच सज्जा से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रंगमंच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण होता है, जो समय-समय पर समाज की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने का काम करता है। अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों और उपस्थित दर्शकों का आभार जताते हुए भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए कला को बढ़ावा देने की बात कही।

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