23 मार्च को जिला अस्पताल में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में टीबी उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर इस वर्ष 26 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा रहा है । साथ ही “टीबी मुक्त पंचायत” और “जन भागीदारी” को अभियान की सफलता की कुंजी बताया गया। डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि जनपद में 2025 में 19,050 टीबी मरीजों की पहचान की गई, जबकि वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 23 मार्च तक 3,159 मरीजों की खोज की जा चुकी है। टीबी मरीजों की समय पर पहचान के लिए हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन की सुविधा शुरू की गई है, जो गांव-गांव जाकर उच्च जोखिम वाली आबादी की जांच कर रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि 24 मार्च से 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान की शुरुआत की जाएगी। राज्य स्तर पर इसका शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे, जबकि मेरठ में सांसद अरुण गोविल और जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की मौजूदगी में विकास भवन में कार्यक्रम आयोजित होगा। अभियान के तहत जनपद की 20% उच्च जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान में कुपोषित व्यक्ति (BMI 18.5 से कम), टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग, पूर्व टीबी रोगी, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह मरीज, धूम्रपान व शराब सेवन करने वाले, एचआईवी संक्रमित, मलिन बस्तियों व निर्माण स्थलों पर रहने वाले लोगों की विशेष रूप से जांच की जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी, डॉ० विपुल कुमार द्वारा बताया गया कि 26 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को जिलाधिकारी महोदय द्वारा दोपहर 1 बजे विकास भवन में सम्मानित किया जायेगा। इनमें रोहटा, मवाना, रजपुरा, हस्तिनापुर, सरधना, सरूरपुर और दौराला ब्लॉक की पंचायतें शामिल हैं।
अभियान को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम समन्वयक नेहा सक्सैना, शबाना बेगम, अंजू गुप्ता, पविंद्र यादव, अजय सक्सैना, लोकेश कुमार गौतम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रति अधिकारियों ने आभार व्यक्त किया।

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