विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर विकास भवन प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त घोषित की गई 51 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मोहन लाल सैनी, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० दीपा सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जनपद में टीबी उन्मूलन की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की गई। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. नितेश कुमार ने जनपद की प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि निरंतर प्रयासों और जागरूकता अभियानों के कारण टीबी नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता मिली है। कार्यक्रम में टीबी चैंपियंस, जो इस बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, ने अपने अनुभव साझा किए और नियमित दवा सेवन व सकारात्मक सोच से टीबी को हराने का संदेश दिया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए ‘निक्षय वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन गांव-गांव जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच करेगा और लोगों को जागरूक करेगा। साथ ही, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी रोगियों को पोषण पोटली भी वितरित की गई। मुख्य अतिथि मोहन लाल सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में इन ग्राम पंचायतों की भूमिका प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी बताया कि चार ग्राम पंचायतों को लगातार दो वर्षों तक टीबी मुक्त रहने का प्रमाणपत्र मिला है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को टीबी के प्रति जागरूक रहने और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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