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विशाल वर्मा पर गैंगस्टर एक्ट, 5 आरोपी नामजद:मेरठ स्टांप घोटाले में पुलिस ने दर्ज किया नया मुकदमा

मेरठ के चर्चित स्टांप घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी विशाल वर्मा और उसके साथियों के खिलाफ संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने का नया मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को नामजद किया गया है, जिन पर फर्जी स्टांप के जरिए करोड़ों का आर्थिक लाभ लेने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का सरगना विशाल वर्मा है, जो फिलहाल जेल में बंद है। उसके खिलाफ यह कार्रवाई सिविल लाइंस थाना पुलिस ने की है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वर्ष 2020 से 2023 के बीच 997 बैनामों में फर्जीवाड़ा किया। इस पूरे खेल से सरकार को करीब 7.33 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। आरोपियों ने पुरानी रजिस्ट्री के स्टांप को केमिकल से साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया। इन फर्जी स्टांप को कई जिलों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया गया। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य कूटरचित सरकारी स्टांप तैयार करते थे और उन्हीं पर खुद ही दस्तावेज बनाकर रजिस्ट्री कराते थे। मामले की जांच के दौरान नासिक स्थित भारतीय प्रतिभूति मुद्रणालय से भी स्टांप की जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इस मामले में विशाल वर्मा के अलावा उसके सहयोगी अक्षय गुप्ता, राहुल वर्मा (दो अलग-अलग व्यक्ति), प्रवेश विहार निवासी एक अन्य राहुल वर्मा और यश सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे सीओ सिविल लाइंस के आदेश पर आगे बढ़ाया गया है। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। मेरठ का यह स्टांप घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है, जिसमें पुलिस अब पूरे गैंग की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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