मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम में आयोजित विन्ध्य महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर शुक्रवार को भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया, अपर आयुक्त प्रशासन राजकुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह और डिप्टी कलेक्टर/प्रभारी पर्यटन संजीव कुमार यादव ने मां के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर जालंधर, पंजाब से आए सुप्रसिद्ध लोकगायक अनादि मिश्रा ने अपने गीतों से समां बांध दिया। उन्होंने देवी गीतों से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की और भगवान श्रीराम के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके बाद अनादि मिश्रा ने पंजाबी लोकगीत, भांगड़ा और “दमादम मस्त कलंदर” जैसे गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। जब वे मंच से उतरकर श्रोताओं के बीच पहुंचे, तो पूरा पंडाल उत्साह और तालियों की गूंज से भर उठा। वहीं, मिर्जापुर की प्रसिद्ध कजली गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने अपने देवीगीत और कजरी गायन से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आध्यात्मिकता और लोक परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लखनऊ के लोकगायक सुरेश कुशवाहा, लोकगायिका जया कुमारी, कुसुम पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव और अतुल कुमार सहित कई अन्य कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। संस्कृति विभाग के कलाकार अमित द्विवेदी और मीना देवी ने भी भजन और लोकगायन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बनाया। देवरिया के प्रकाश चन्द्र राय, भदोही के सुरेश लाल यादव और मिर्जापुर के मंटू मिश्रा के गीतों पर भी श्रोता झूम उठे। इसके अतिरिक्त, छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के अंत में, अतिथियों द्वारा सभी कलाकारों को देवी चित्र, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र तिवारी उर्फ लल्लू तिवारी और संजय श्रीवास्तव ने किया।

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