वाराणसी में भाजपा के साथ सहयोगी अपना दल के खाते में रोहनिया विधानसभा की सीट है। इस सीट से अपना दल सोनेलाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पहली बार विधायक बनी थीं। इस सीट से अब अपना दल के सुनील पटेल विधायक हैं। विधायक सुनील पटेल की मानें तो जनता को भरपूर विकास परियोजनाएं मिली हैं। इस क्षेत्र को करोड़ों की परियोजनाएं दी। पिछले 4 साल के कार्यकाल में विधायक निधि और पूर्वांचल निधि से सड़क, बिजली और पानी का काम करवाया है। सुनील पटेल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया की घोषित परियोजनाओं को हर दिन रफ्तार देने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता के बीच 100% समय दे रहा हूं। दैनिक भास्कर से उन्होंने 4 साल की भूमिका और योगदान पर चर्चा की। पेश है बातचीत के कुछ अंश… सवाल: रोहनिया में पिछले 4 साल की बड़ी उपल्ब्धियां क्या हैं? आपने कौन से प्रोजेक्ट बनाए? जवाब: ये पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहां विकास अपार है। पीएम की प्राथमिकता में सारे विकास काम हुए हैं। मोहनसराय-रोहनिया और कैंट रोड सिक्स लेन अभी सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। यह सड़क पूरी तरह से चौड़ी हो गई है और करोड़ों की लागत से बनकर तैयार है। हाईवे से एंट्री गेट के साथ इसे बेहद खूबसूरत तरीके से बनाया गया है। परमपुर-कोरौता होते हुए चांदपुर रोड फोर लेन हो गई है। इसमें ग्रीनरी, हेरिटेज पोल , डिवाइडर और कवर नाले समेत तमाम खूबसूरत तरीके से तैयार किया गया है। रोहनिया विधानसभा के अगल-बगल बालिका इंटर कॉलेज दिया गया। गांव की हर सड़क किसी ना किसी बड़ी सड़क से जुड़ रही है। सवाल: आपका ड्रीम प्रोजेक्ट क्या है जो अभी पूरा नहीं हुआ ? जवाब: रोहनिया विधानसभा के मोहनसराय से मातैल देवी रोड और मोहनसराय चौराहे पर सेपरेटर बनाया जाए। चौराहा बहुत बिजी है, इसलिए अलग मार्ग से पब्लिक ऊपर से निकल जाएगी तो नीचे से हमारी सारी राजा तालाब में सब्जी मंडी समेत अन्य किसानों का आवागमन बाधित नहीं होगा। किसान रजिस्ट्री ऑफिस में आना-जाना होगा तो भीड़ से निजात मिल जाएगी। रमना, टिकरी, मुडाडीह उस बेल्ट में बाढ़ प्रभावित एरिया में तटबंध की मांग है। इस पर काम करेंगे। सवाल: क्या अगले चुनाव में आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब: हमारा काम सेवा करना है और टिकट देना, ना देना शीर्ष नेतृत्व का काम है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के दिशा निर्देश में काम करेंगे। टिकट देगा या संगठन जो भूमिका देगा उसे स्वीकार किया जाएगा। ये चार साल जो हमने गुजारे हैं, अपने कार्यकर्ताओं और अपने जनता के बीच में रहकर गुजारा है। उनकी समस्या को निपटाने का बड़ा प्रयास किया हूं। सवाल: गठबंधन में अगर ये सीट भाजपा के पास चली जाएगी तो आपके पास क्या विकल्प है? जवाब: गठबंधन को रोहनिया सीट मिलेगी कि नहीं, ये शीर्ष नेतृत्व का काम है। दिल्ली से अनुप्रिया पटेल और उसकी टीम यह तय करती है। हमारे पास वो पावर नहीं है। हम लोग एक कार्यकर्ता हैं और अपनी नेता के लिए समर्पित हैं। सवाल: पिछले चार सालों में कामकाज को कितने नंबर देंगे ? जवाब : सीमित बजट और परियोजनाओं के बीच अधिकतम काम किया है। हर प्रोजेक्ट पूरा हुआ, इसलिए खुद को पूरे 10 नंबर दूंगा।

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