गाजियाबाद की शहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजीव शर्मा उपचुनाव में विधायक बने। इससे पहले इस सीट से विधायक रहे अतुल गर्ग 2024 के लोकसभा चुनाव में सांसद बने थे, उनके लोकसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई। संजीव शर्मा का कहना है कि अपनी विधानसभा में सारे काम कराए हैं। मेरा तो कार्यकाल करीब 2 साल का ही रहेगा। हर रोज 500 से ज्यादा लोगों को पार्टी कार्यालय और अपने कार्यालय पर सुनता हूं। लोगों की हर समस्या का समाधान कराया है। बिजली, पानी, चिकित्सा और शिक्षा में आज हम बहुत आगे निकल चुके हैं। विधानसभा 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी विधायक संजीव शर्मा ने क्या किया, अभी इस विधानसभा में क्या होना बाकी है? क्या फिर से इस सीट पर टिकट मिलेगा? इन मुद्दों पर दैनिक भास्कर ने संजीव शर्मा से बातचीत की। आगे पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: यह जनता का सवाल है। मैं दस में से 10 नंबर दूंगा। लगभग सवा साल में मैंने 500 करोड़ के काम कराए हैं। कोई ऐसा काम नहीं है जो मैंने नहीं कराया हो। बिजली, चिकित्सा, खेल, सड़कों के सारे काम कराए हैं। जहां तक कामों की बात है, मैंने एनएच-24 पर जाम की समस्या दूर कराई, एनएच-24 को चौड़ा कराने का काम किया है। मैंने सांसद और नितिन गडकरी साहब से मिलकर एनएच-24 पर फुटओवर ब्रिज का काम कराया। इसमें लिफ्ट लगाई जाएगी। यह फुटओवर ब्रिज ऊंचा है। यहां बुजुर्गों की परेशानी का ध्यान रखा गया है। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?
जवाब: बहुत काम मैंने कराए हैं। 80 बेड का अस्पताल एमएमजी है, उसे 100 बेड तक पहुंचाया और 300 बेड का कराया है। आगे की बिल्डिंग दोबारा बनेगी। 80 करोड़ रुपये इसके लिए आएंगे। मेरी विधानसभा में मैंने सारे काम कराए हैं। सड़कें, नाली, बिजली, खेल, फुटओवर ब्रिज सभी काम कराए हैं। गाजियाबाद में भी खूब काम हुए हैं। आज यहां रैपिड ट्रेन, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल यहां से निकल रहे हैं। मैं शहर सीट से हूं, इसलिए शहर विधानसभा के हर क्षेत्र में काम कराए हैं। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए?
जवाब: क्रॉसिंग का काम है। 132 करोड़ रुपये मैंने स्वीकृत कराए थे। क्रॉसिंग में जाम की समस्या है। नाले पर सड़क बनवाकर इसे बनाया जाएगा। यह 100 करोड़ से अधिक का काम है, इसे पक्का बनवाकर चौड़ीकरण होगा। यह काम सहमति के कगार पर है। यह बहुत बड़ा काम है। दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए प्रयासरत हैं। स्टेडियम में बहुत काम कराए हैं। देखकर सभी को लगेगा कि काम हुए हैं। 80 करोड़ से टेंडर अपनी विधानसभा में लगवाए हैं। कई सड़कों पर बहुत काम कराए हैं। पार्कों की व्यवस्था बदली है। गोलचक्करों पर सौंदर्यीकरण कराया है। चौधरी मोड़ पर जाम की समस्या दूर करने के लिए एक पुल भी बनाया जाएगा। सवाल: इस बार फिर क्या आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब: मुझे 2 साल का कार्यकाल मिला है। मेरे पास 500 लोग रोज आते हैं। सीधे मिलते हैं और सीधे सुनवाई होती है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई कारण है कि पार्टी मुझे टिकट नहीं देगी। 33 प्रतिशत वोटिंग के बाद भी मैं 70 हजार वोटों से जीतकर आया। पार्टी ने मुझे उपचुनाव में जिम्मेदारी दी और सबसे कम वोटिंग होने पर भी मैंने इतनी बड़ी जीत दर्ज की है। कोई भी व्यक्ति मेरी विधानसभा में नहीं कह सकता कि काम नहीं हुए। सवाल: तो क्या आपको इस बार टिकट मिलेगी?
जवाब: निश्चित रूप से पार्टी टिकट देगी। सर्वे होती है, रेटिंग होती है। सभी सर्वे में 80 प्रतिशत में मैं अकेला रहा हूं। मेरा तो कार्यकाल सबसे कम समय का रहा है, इसके बाद भी मैंने इतने सारे काम कराए हैं। मुझे उम्मीद है कि अपने काम के बल पर मुझे पार्टी फिर टिकट देगी। पार्टी सब चीजें देखकर ही टिकट देती है। सवाल: वोटिंग प्रतिशत कम रहने का कारण क्या रहा? जवाब: मैं उपचुनाव में जीता हूं। एक ही विधानसभा में चुनाव था, इसलिए दूसरे लोग नोएडा और दिल्ली चले गए। उपचुनाव में छुट्टी नहीं होती। मैं भाजपा का अध्यक्ष भी रहा हूं। पूरी टीम मेरे साथ ताकत के साथ लगी रही। डेढ़ लाख में से एक लाख वोट मुझे मिले। 50 हजार वोट बाकी 17 उम्मीदवारों को मिले। अबकी बार मुझे विश्वास है कि जीत बहुत बड़ी होगी।

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