DniNews.Live

विधायक राजेश त्रिपाठी बोले- कछरांचल को बाढ़मुक्त करेंगे:99% बड़े काम पूरे, इसलिए खुद को 10 में 10 नंबर देता हूं; ग्रेटर गीडा बड़ी उपलब्धि

गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल की चर्चित सीट चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक राजेश त्रिपाठी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को लेकर संतुष्ट नजर आते हैं। 2007 में उन्होंने हरिशंकर तिवारी जैसे दिग्गज नेता को हराकर प्रदेश की चर्चित जीत दर्ज की थी। उनका कहना है कि उन्होंने जो विकास का सपना देखा था, उसमें से 99 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं और बाकी काम भी जल्द पूरे हो जाएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल, अधूरे प्रोजेक्ट और आगामी चुनाव को लेकर विस्तार से बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: पिछले 4 साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: अगर मुझे खुद को अंक देना है तो मैं कहूंगा कि जो मैंने सोचा था, उसमें से 99 प्रतिशत बड़े काम पूरे करने में सफल रहा हूं। कुछ काम अभी बाकी हैं, उन्हें भी अगले एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। इसलिए अगर नंबर देने की बात है तो मैं अपने कामकाज को 10 में से 10 नंबर दूंगा। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया? जवाब: एक नहीं, कई बड़े काम ऐसे हैं जो ऐतिहासिक रूप से चिल्लूपार और गोरखपुर के लिए महत्वपूर्ण हैं। हमारे क्षेत्र में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज की स्थापना कराई गई, जहां से हर साल लगभग 125 डॉक्टर निकलकर देशभर में सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा यहां ग्रेटर गीडा की स्थापना हो रही है, जहां Tata Group, Adani Group, Reliance Industries, Berger Paints और केयान जैसी कंपनियों की ओर से निवेश किया जा रहा है। गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग भी मेरे ही कार्यकाल में तैयार हुआ। रामजानकी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला और उसका चौड़ीकरण कर उसे महामार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा हमारे क्षेत्र में 220 केवी का पारेषण केंद्र भी स्थापित हुआ है। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए? जवाब: एक सपना अभी अधूरा है। कछरांचल क्षेत्र को बाढ़मुक्त कराने का प्रयास कर रहा हूं, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। रामजानकी मार्ग के निर्माण के दौरान कई बड़ी पुलियों का निर्माण हो रहा है। इंजीनियरों का कहना है कि अगर पुलियों की संख्या ज्यादा होगी तो पानी वापस लौट सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में नितिन गडकरी से भी मुलाकात हुई है और पुलियों की संख्या कम करने का अनुरोध किया गया है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इस पर समाधान निकल जाएगा। सवाल: इस बार क्या फिर आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब: खुद को दावेदार मानने से कुछ नहीं होता। भारतीय जनता पार्टी एक विशाल संगठन है और हम उसमें एक छोटे से कार्यकर्ता हैं। पार्टी नेतृत्व तय करेगा कि किसे चुनाव लड़ाना है। हम अपना काम कर रहे हैं और बाकी निर्णय संगठन और ईश्वर पर छोड़ दिया है। सवाल: क्या इस बार आपको टिकट मिलेगा? जवाब: यह फैसला पार्टी का होता है। अगर पार्टी हमारे काम से संतुष्ट होगी तो वह हमारे बारे में जरूर सोचेगी। हमें इसकी चिंता नहीं है। सवाल: अगर आप चुनाव मैदान में आते हैं तो क्या आपकी लड़ाई अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी से ही रहेगी? जवाब: इसमें कोई दो राय नहीं है। वह जिस भी दल से चुनाव लड़ेंगे, मुकाबला उन्हीं से रहेगा। 2007 में भी उनसे मुकाबला था और 2017 व 2022 में भी। 2012 में जरूर परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन सीधी लड़ाई सपा से हुई थी। सवाल: क्या जिले के विकास में उत्तर क्षेत्र ज्यादा आगे है? जवाब: ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे जिले का संतुलित विकास कर रहे हैं। ग्रेटर गीडा, लिंक एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारे जैसे प्रोजेक्ट का फायदा दक्षिणांचल को भी मिल रहा है। लिंक एक्सप्रेसवे की योजना भी इस सोच के साथ बनाई गई कि दियारा क्षेत्र का विकास हो सके। मुझे नहीं लगता कि उत्तर और दक्षिण के बीच कोई प्रतिस्पर्धा है। मुख्यमंत्री की नजर हर क्षेत्र पर है, चाहे वह चिल्लूपार हो, खजनी हो या बांसगांव।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

Puri Khabar Yahan Padhein…

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *