महोबा के चरखारी में विधायक बृजभूषण राजपूत के हस्तक्षेप से एक किसान को न्याय मिला है। इमलिया डांग गांव में दबंगों द्वारा जबरन काटी गई जौ की फसल पुलिस की मौजूदगी में वापस करा दी गई। इस आपसी सुलह से न केवल किसान को राहत मिली, बल्कि गांव में बढ़ रही रंजिश भी समाप्त हो गई। यह मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के इमलिया डांग गांव का है। विवाद जमीन के एक हिस्से और उस पर खड़ी फसल को लेकर था। गांव की निवासी रामकुंवर के नाम गाटा संख्या 402 दर्ज है। राजस्व विभाग द्वारा की गई हदबंदी के दौरान, पड़ोसी काश्तकार चेतराम की ओर का कुछ हिस्सा रामकुंवर के परिवार को मिला था। इसी जमीन पर रामकुंवर के पुत्र देवीदयाल ने जौ की फसल बोई थी। जब फसल पककर तैयार हुई, तो चेतराम के पुत्र दिनेश ने जबरन पूरी फसल काट ली। पीड़ित देवीदयाल ने जब इसका विरोध किया, तो उसे धमकियां दी गईं। अपनी फसल लुटते देख पीड़ित किसान देवीदयाल ने न्याय के लिए चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत से संपर्क किया। विधायक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल चरखारी कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया। विधायक ने पुलिस को दोनों पक्षों को बिठाकर मामले का निपटारा करने और किसान के नुकसान की भरपाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली परिसर में पुलिस की मौजूदगी में एक पंचायत बुलाई गई। पुलिस और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के सामने आरोपी पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार की। आपसी सहमति से यह तय हुआ कि काटी गई पूरी फसल पीड़ित देवीदयाल को वापस लौटाई जाएगी। इस प्रकार, बिना किसी मुकदमेबाजी और कानूनी जटिलताओं के, पुलिस की निगरानी में किसान को उसकी फसल वापस मिल गई। इस फैसले से न केवल देवीदयाल के चेहरे पर मुस्कान लौटी है, बल्कि गांव में संभावित रंजिश भी टल गई। क्षेत्र में विधायक के इस न्यायप्रिय कदम की जमकर सराहना हो रही है।

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