बरेली की बहेड़ी विधानसभा से सपा विधायक अताउर रहमान का कहना है कि विपक्ष में होने के बावजूद उन्होंने क्षेत्र के विकास को गति दी और सड़क से लेकर गन्ना भुगतान तक के मुद्दे मजबूती से उठाए। उत्तराखंड सीमा से सटे इस क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ रखने वाले अताउर रहमान का दावा है कि वे लगातार जनता के बीच रहकर काम कर रहे हैं और 2027 के चुनाव के लिए तैयार हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल, उपलब्धियों, अधूरे कामों और सरकार पर आरोपों को लेकर खुलकर बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: पिछले 4 सालों के कामकाज के आधार पर आप स्वयं को 10 में से कितने नंबर देना चाहेंगे? जवाब: मैं खुद को नंबर देने के बजाय अपने संघर्ष को ज्यादा अहम मानता हूं। मैं विपक्ष में हूं, लेकिन हर सत्र में बहेड़ी की समस्याओं को उठाया है। अधिकारियों से तालमेल बनाकर सड़कों और बिजली के कई रुके काम पूरे कराए हैं। लगभग सभी संपर्क मार्ग बन चुके हैं, केवल कुछ सड़कें प्रक्रिया में हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में फरीदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड और स्टाफ की व्यवस्था भी मेरे प्रयासों से हुई है। मैं अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहा हूं। सवाल: आपके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही? जवाब: बहेड़ी से उत्तराखंड सीमा को जोड़ने वाला बुढ़िया कालोनी मार्ग मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह पहले बहुत खराब हालत में था। मैंने विधानसभा में मुद्दा उठाया और लगातार प्रयास किए, जिसके बाद यह अंतरराज्यीय योजना के तहत स्वीकृत हुआ। आज लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा पूर्व में बने बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का काम भी प्राथमिकता में रहा, जिससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो आप विपक्ष में होने के कारण पूरा नहीं करा पाए? जवाब: क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य के ढांचे की कमी है। बहेड़ी में न तो इंजीनियरिंग कॉलेज है और न ही मेडिकल कॉलेज। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और अन्य संस्थानों में स्टाफ की कमी है। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, जिससे लोग परेशान हैं। हमने बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। सवाल: निवेश को लेकर सरकार के दावों को आप कैसे देखते हैं? जवाब: हम बड़ी-बड़ी बातें नहीं करते, अपने क्षेत्र की स्थिति देखते हैं। बहेड़ी में नई इकाइयां लगने के बजाय पुरानी बंद हो रही हैं। कताई मिल सालों से बंद है और केसर शुगर मिल भी संकट में है। सरकार ने बंद मिलों को चालू करने का वादा किया था, लेकिन यहां स्थिति उलट है। ऐसे में निवेश के दावे जमीन पर नजर नहीं आते। सवाल: आपके कार्यकाल में शुरू हुआ मेगा फूड पार्क किस स्थिति में है? जवाब: यह बहेड़ी के साथ सबसे बड़ा धोखा है। समाजवादी पार्टी की सरकार में अखिलेश यादव ने 328 एकड़ में इस परियोजना को स्वीकृति दी थी। शुरुआती काम भी हुआ, लेकिन उसके बाद काम रुक गया। अगर यह शुरू हो जाता तो हजारों युवाओं को रोजगार मिलता। सरकार केवल दावे कर रही है, जमीन पर कुछ नहीं हो रहा। सवाल: वर्तमान राजनीतिक माहौल पर आपकी क्या राय है? जवाब: मौजूदा सरकार तानाशाही की ओर बढ़ रही है। जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। सवाल: टिकट को लेकर आपकी क्या तैयारी है? जवाब: Akhilesh Yadav हमारे नेता हैं। मैं एक कार्यकर्ता के रूप में लगातार जनता के बीच रहता हूं। संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया है। मुझे विश्वास है कि पार्टी फिर से मौका देगी और मैं पिछली बार से भी बड़े अंतर से जीत दर्ज करूंगा। सवाल: केसर शुगर फैक्ट्री के भुगतान और नीलामी की क्या स्थिति है? जवाब: सरकार का 14 दिन में भुगतान का दावा पूरी तरह फेल है। किसानों का पिछले सत्र का 172 करोड़ और इस सत्र का करीब 36 करोड़ रुपये बकाया है। मैंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया है। फैक्ट्री की स्थिति खराब है और संपत्तियां बिक रही हैं। इससे साफ है कि उद्योग खत्म होने की कगार पर है। किसान परेशान है और सरकार केवल कागजों में कार्रवाई कर रही है।

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