अयोध्या में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बिजली की बढ़ती मांग और संभावित संकट से निपटने के लिए एक सख्त और व्यापक “सुपर प्लान” तैयार किया है। पिछले वर्ष जून में प्रदेश की पीक बिजली मांग 32,000 मेगावाट के पार पहुंच गई थी, और इस बार भीषण गर्मी के चलते इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। एसी, कूलर और पंखों के अत्यधिक उपयोग से ग्रिड पर दबाव बढ़ सकता है, जिसे संतुलित रखने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस प्लान का उद्देश्य बिजली की खपत को नियंत्रित करना, अनावश्यक कटौती रोकना और आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना है। इसके तहत सभी विद्युत उपकेंद्रों पर विशेष सर्विलांस टीमें तैनात की जाएंगी, जो 24 घंटे निगरानी करेंगी। ये टीमें ओवरलोडिंग और अनधिकृत बिजली उपयोग पर नजर रखेंगी। इसके अलावा कॉलोनियों और मोहल्लों के मुख्य स्विच यार्ड पर पावर मॉनिटरिंग डिवाइस लगाए जाएंगे, जो रीयल-टाइम डेटा कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। इससे किसी भी असामान्य खपत पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी। मार्च के अंत तक विस्तृत आकलन किया जाएगा, जिसमें पिछले वर्षों के आंकड़े, मौसम पूर्वानुमान और क्षेत्रीय मांग का विश्लेषण शामिल होगा। इसके आधार पर 1 अप्रैल से सख्त निगरानी लागू कर दी जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में तय सीमा से अधिक बिजली खपत पाई जाती है, तो संबंधित उपभोक्ताओं को चेतावनी दी जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना या बिजली कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना केवल नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता पर भी जोर देती है। लोगों से अपील की गई है कि एसी को 24-26 डिग्री पर सेट करें और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करें। अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखें तथा सोलर रूफटॉप जैसे विकल्प अपनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस “सुपर प्लान” से न केवल बिजली संकट टाला जा सकेगा, बल्कि आम जनता को बिना बाधा के राहत भी मिलेगी और ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।

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