इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उ प्र शहरी नियोजन एवं विकास (असेसमेंट,लेबी एवं इंपैक्ट फीस कलेक्शन) रूल्स 2024के नियम 3(1) एवं 28जनवरी 25की अधिसूचना की वैधानिकता की चुनौती याचिका पर राज्य का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता को नोटिस जारी किया है। याची के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा 24 सितंबर 25को जारी इंपैक्ट फीस डिमांड नोटिस पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने अमित कुमार त्रिपाठी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। याची का कहना है कि उसने अन्य डिमांड जमा कर दिया है किन्तु इंपैक्ट फीस जमा नहीं की। क्यों कि रूल्स के तहत प्राधिकरण को जमा कराने का अधिकार नहीं है।
रूल्स में कुछ दशा से छूट दी गई है।याची का कहना है कि यह फीस केवल बिल्डअप एरिया में पूर्व विशेष अनुमति के साथ ही लागू किया जा सकता है।ऐसे ही मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राहत दी है। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए पेश करने का आदेश दिया।

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