वाराणसी में एक पुराने हत्याकांड में आरोपी रविन्द्र उर्फ राजू को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई गई। राजू ने लोहे की रॉड से एक ही परिवार के चार लोगों पर हमला किया था, जिसमें चारों की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि राजू जुआ खेलता था और इसकी शिकायत उसके घर पर की गई थी। इसी बात से नाराज होकर उसने बदला लेने के लिए यह वारदात की। यह घटना 29 अक्टूबर 2013 को चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में हुई थी। अदालत ने कहा- यह सामान्य मामला नहीं है। आरोपी ने पूरी योजना बनाकर हत्या की, इसलिए इसे दुर्लभतम मामलों में रखते हुए कड़ी सजा देना जरूरी है। फैसले के बाद गांव में एक बार फिर डर का माहौल है। लोगों को उस घटना की यादें ताजा हो गई हैं। अब जानिए क्या था पूरा मामला
चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव के बाहर जल निगम के ऑपरेटर मोहनलाल जायसवाल का मकान था। घर के पीछे बाग में अक्सर संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लगता था। यहां जुआ, शराब और दावत का दौर चलता था। आरोपी राजू भी इसमें शामिल रहता था। मोहनलाल ने इस बात की शिकायत राजू के घर पर की थी। उन्होंने कहा था कि वह गलत संगत में पड़ रहा है। घरवालों की डांट के बाद राजू ने इसे अपनी बेइज्जती मान लिया। तभी उसने पूरे परिवार को खत्म करने की ठान ली। 29 अक्टूबर 2013 की रात करीब साढ़े आठ बजे राजू लोहे की रॉड लेकर आया। वह पास के निर्माणाधीन मकान से छत के रास्ते मोहनलाल जायसवाल के घर में घुसा। उसी समय मोहनलाल शौचालय से बाहर निकल रहे थे। तभी आरोपी ने उनके सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने मोहनलाल जायसवाल की बेटी पूजा, पत्नी झूना देवी और पुत्र प्रदीप पर भी एक-एक करके हमला किया। और चारों की हत्या कर दी गई। वहीं पुत्र संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसने ही हमलावर की पहचान की थी। कपड़े जलाकर छिपाया सबूत, फिर भी पकड़ा गया
घटना के बाद आरोपी छत पर पहुंचा, लेकिन लोगों की आवाज सुनकर पीछे की ओर कूद गया। कूदने से उसके पैर में चोट लग गई। इसके बावजूद वह भीड़ में शामिल हो गया और बाद में एक युवक के साथ साइकिल से घर चला गया। घर पहुंचकर उसने खून से सने कपड़े जला दिए। शक से बचने के लिए उसने दो दिन तक अस्पताल में अपने पैर का इलाज भी कराया। हालांकि पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एडीजीसी रोहित मौर्य ने बताया- 13 साल पुराने मामले में आज फैसला सुनाया गया है। इस घटना में 4 लोगों की हत्या हुई थी। आरोपी को 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई गई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि पीड़ित को दी जाएगी। ——————————– यह खबर भी पढ़ें कुलदीप यादव पत्नी वंशिका के साथ बांके बिहारी मंदिर पहुंचे, पूजा-दर्शन करके 56 भोग अर्पित किए क्रिकेटर कुलदीप यादव ने पत्नी वंशिका के साथ वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन किए। वे मंगलवार शाम साढ़े 7 बजे मंदिर पहुंचे थे। दोनों ने देहरी (चौखट) पर इत्र लगाकर सेवा की। भगवान को 56 भोग अर्पित किए। शादी के बाद दोनों पहली बार मथुरा पहुंचे थे। यहां पढ़ें पूरी खबर

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