वाराणसी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में वाराणसी की अदालत ने दोषी पाए गए रविंद्र को फांसी की सजा सुनाई है। घटना 29 अक्टूबर 2013 को हुई थी। जल निगम के पंप ऑपरेटर मोहन लाल, उनकी पत्नी झुना देवी, बेटी पूजा और बेटे प्रदीप की लोहे की रॉड से निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच के अनुसार, रविंद्र ने मोहन लाल के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। मोहन लाल ने रविंद्र को अपने घर के पास शराब पीने, जुआ खेलने और मांसाहार पकाने से मना किया था। इस बात की शिकायत मोहन लाल ने रविंद्र के पिता से भी की थी। इस नाराजगी के चलते रविंद्र ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) विनोद कुमार की अदालत ने अभियुक्त रविंंद्र उर्फ राजू पटेल को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी गवाहों के बयान और सबूतों का गहन अध्ययन किया। अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि रविंद्र ने जानबूझकर और योजनाबद्ध तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया। अदालत ने कहा कि यह हत्या केवल एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या नहीं थी, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर खतरा है। खबर अपडेट की जा रही है।

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