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‘वाराणसी-दक्षिणी में 10 हजार करोड़ के विकास से बदली सूरत’:विधायक नीलकंठ बोले- 400 करोड़ से बनेगा नया अस्पताल, 2027 में पुराने रिकॉर्ड टूटेंगे

काशी की दक्षिणी विधानसभा में बाबा विश्वनाथ का धाम, मां अन्नपूर्णा मंदिर, मां विशालाक्षी देवी, मोक्षद्वार मणिकर्णिका घाट, काल भैरव समेत अष्ट भैरव, अष्ट विनायक का मंदिर है। अस्सी घाट से चलकर गंगा का दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट और नमोघाट तक इसका विस्तार है। पूर्व मंत्री और दक्षिणी विधायक डा. नीलकंठ तिवारी ने कहा- यहां से सांसद और PM मोदी पिछले 11 साल में इस क्षेत्र को 10 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट दिए। सबसे घनी आबादी और रोज 3 लाख पर्यटक इस क्षेत्र में आते हैं। 1200 करोड़ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर यहां की सबसे बड़ी पहचान है। विधायक की मानें तो पिछले 9 साल के कार्यकाल में गलियों का स्वरूप बदल गया है, दालमंडी और काल भैरव कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएं मूर्त रूप ले रही हैं, तो कई बड़े प्रोजेक्ट को पाइपलाइन में हैं। विधायक ने दावा किया कि 400 करोड़ से नया अस्पताल बनेगा। दैनिक भास्कर से उन्होंने 4 साल की भूमिका और योगदान पर चर्चा की। पेश है बातचीत के कुछ अंश… सवाल: दक्षिणी विस में पिछले 4 साल की बड़ी उपल्ब्धियां क्या हैं? जवाब: प्रधानमंत्री की प्रेरणा से पिछले 9 साल में दक्षिणी विधानसभा में 10,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं पर काम पूर्ण हुआ है। श्री विश्वनाथ धाम कॉरिडोर अकेले 1,200-1,300 करोड़ से बना। मां गंगा का निर्मलीकरण, पुराना शाहीनाला, एसटीपी, हर क्षेत्र में चतुर्दिक विकास की योजनाएं बनीं। दक्षिणी विधानसभा में सीवर-पानी और पेयजल की समस्या थी जो अब नहीं रही। गलियों के सुंदरीकरण का काम हुआ। 135 की संख्या में लगभग छोटे-बड़े ट्यूबवेल लगवाए। दक्षिणी विधानसभा में तीन-तीन अंडरग्राउंड पार्किंग, एक दो अंडरग्राउंड पार्किंग है और एक मल्टी-स्टोरी पार्किंग है। बेनिया का अंडरग्राउंड पार्किंग 1,600 गाड़ियों की क्षमता का है, टाउन हॉल का अंडरग्राउंड पार्किंग 300 क्षमता का है। सड़कें अत्याधुनिक उच्च क्वालिटी की बनी हुई हैं। हमारे दक्षिणी विधानसभा में 22 पार्क का सुंदरीकरण कराया गया। दो-तीन पार्क अभी बचे हैं, इस सप्ताह काम शुरू हो जाएगा। 12 शहरी क्षेत्र में प्राथमिक और परिषदीय विद्यालय स्मार्ट स्कूल बन गए। राजघाट स्मार्ट विद्यालय बना। इसके साथ-साथ जूनियर हाईस्कूल कबीरचौरा, दुर्गाकुंड के दोनों विद्यालय, अन्य भी जो विद्यालय थे, सभी विद्यालयों के भवन का निर्माण कर दिया गया। आज विद्यार्थियों, जो छोटे बच्चे हैं, उन विद्यालयों के पठन-पाठन में किसी भी प्रकार का कोई अवरोध नहीं है। सवाल: 9 साल में धार्मिक और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रोजेक्ट कौन से हैं? जवाब: काशी का दक्षिणी देवताओं, मंदिरों, आध्यात्मिक स्थलों का केंद्र है। इस क्षेत्र में नव देवी, नव गौरी, अष्ट भैरव, अष्ट प्रधान विनायक, अष्ट विनायक, द्वादश आदित्य, द्वादश ज्योतिर्लिंग तक पहुंचने का मार्ग सुंदर कराया। सभी देवी-देवताओं, चारों धाम, दसों महाविद्या पीठ का सुंदरीकरण किया गया। लाट भैरव मंदिर के पास जो कुंड है, उसका सुंदरीकरण किया गया। ऐसे करीब नौ कुंड हमारे यहां बड़े-बड़े हैं। सभी कुंडों का सुंदरीकरण करके एक नया स्वरूप दिया गया, जो आध्यात्मिक स्वरूप है और लाट भैरव पर हजारों की संख्या में भीड़ होती है। ओंकारेश्वर महादेव मंदिर गिर गया था, एकदम फट गया था, गिरने की कगार पर था लेकिन आज उसका शानदार निर्माण हो गया। दक्षिणी विधानसभा में घाटों की संख्या बहुत ज्यादा है, वो सभी घाट टूटे हुए थे। घाटों का सुंदरीकरण हो गया और विश्वस्तरीय नमो घाट का निर्माण किया। संगीत घराने बहुत ज्यादा संख्या में हैं, पिपलानी कटरा क्षेत्र में और अन्य क्षेत्रों में उन संगीत घरानों में उनकी पहचान सुनिश्चित की, उनकी पहचान को प्रतिष्ठित किया जाए, ऐसे करके हेरिटेज वॉक की रचना की गई और काम किया गया। सवाल: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्या कदम उठाए, कोई बड़ा अस्पताल बनवाया? जवाब: चिकित्सा क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट श्री शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय विश्वस्तरीय चिकित्सालय बनने जा रहा है। 400 करोड़ की लागत से वह चिकित्सालय का टेंडर हो गया, इस बार पीएम मोदी के हाथों शिलान्यास भी हो जाएगा। चिकित्सालय बीएचयू के बोझ को कम करेगा। मल्टी-स्पेशलिटी, सुपर-स्पेशलिटी, मल्टी-स्टोरी चिकित्सालय बनने जा रहा है। पूरे भवनों को डिस्मेंटल करके एक बड़े, जिसकी क्षमता 500 बेड के अस्पताल की होगी। जिसमें 100 आईसीयू भी रहेंगे, एचडीयू भी रहेंगे और सभी प्रकार के चिकित्सकीय व्यवस्थाएं वहां पर की जाएंगी। हमारे कार्यकाल में महिला चिकित्सालय में एमसीएच (MCH) विंग बन चुका है, एनआईसीयू (NICU) का शिलान्यास होने जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में एनआईसीयू की रचना होने जा रहा है। 5 अर्बन पीएचसी (Urban PHC) को किराए से हटाकर अपना भवन दिया। सवाल: रोपवे समेत प्रोजेक्ट तो बहुत दिखते हैं, कोई नया प्रोजेक्ट भी वेटिंग में है ? जवाब: दक्षिणी विधानसभा में रोपवे प्रोजेक्ट कंप्लीट होने वाला है, जहां से विश्वनाथ धाम को जाने में एक एक्सेस मिलेगा। गंगा के उस पार एक व्यू पुल की रचना, नमो घाट से एलिवेटेड पुल रिंग रोड तक जाने की योजना पर काम हो रहा है। हमारे यहां एक यूनिटी मॉल कजाकपुरा में बन रहा है जो जल्द पूरा हो जाएगा। वर्ल्ड क्लास बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण दुर्गाकुंड में हो रहा है। हर वार्ड में एक डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है। हम लोग विधायक की निधि से बहुत से प्रयास कर रहे हैं। कोनिया घाट का पुल बना और लोग इस ओर जुड़ गए। कजाकपुरा के ओवरब्रिज बनने से बनारस की ट्रैफिक की समस्या का निराकरण हो गया। हमारे यहां अंतर्गृही परिक्रमाएं होती हैं, तीन अंतर्गृही परिक्रमाएं काशी में हैं। हजारों की संख्या में दक्षिण भारतीय लोग, देश के कोने-कोने से अंतर्गृही परिक्रमा करने आते हैं। 38 करोड़ से ज्यादा इलाज में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिया गया। सभी आध्यात्मिक स्थलों को सुंदरीकरण कर दिया गया। आज मैं जाता हूं सबको प्रार्थनापूर्वक पूछता हूं कि दक्षिणी विधानसभा में लगता हो कि कोई काम अभी छूटा है, तो उस काम को जरूर बताएं क्योंकि हम लोग काम जो भी काम बचा है, सभी कामों को करने के लिए लगातार संकल्पित हैं। सवाल: अगले 5 साल की क्या कार्ययोजना है इस बार जो प्रोजेक्ट नहीं ला पाए? जवाब: दक्षिणी विधानसभा चौक क्षेत्र जाम और भीड़ से जुझता है। इन श्रद्धालुओं को एक्सेस देकर मां गंगा के उस पार से उनको सीधे विश्वनाथ धाम लाने की व्यवस्था की योजना पर मन में है। जो बनारस का जकड़न को हम दूर करेंगे। 5,000 गाड़ियां गंगा उस पार पार्क होंगी और लोग डायरेक्ट पुल से गंगा पार करके विश्वनाथ धाम सीधे आएंगे। राजघाट से रामनगर तक, उस पुल से जोड़ते हुए एक लक्ष्मण झूला टाइप बनवाएंगे। उस पार से इस पार पैदल लोग आकर के विश्वनाथ जी का दर्शन करें, दशाश्वमेध स्नान करें, अस्सी घाट पर भी जाएं और नमो घाट पर भी जाएं, राजघाट पर जाएं। चार जगह मैंने प्रस्ताव दिया है कि उस पार से इस पार आने की व्यवस्था हो। हमारे पक्के महाल के मोहल्ले आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत हैं। जो हमारे वैदिक घराने हैं बटुक पढ़ते हैं, उसको संजोकर के सहेज करके कुछ काम करने की योजना बना लिए हैं। सवाल: दक्षिणी विधानसभा के कार्यकाल को सेल्फ-असेसमेंट करें, तो 10 में कितने नंबर देंगे ? जवाब: नंबर देना तो जनता का काम हैं, मैंने तो 100 काम किए हैं। कोई कार्य यदि जनता बताया होगा, उसको छोड़ा नहीं गया है। मानिए 10 में से 10 नंबर का काम कर दिया है, बाकी होगा तो और करेंगे। सवाल: 2027 में अपनी भूमिका को लेकर क्या कहेंगे? जवाब: 2027 में 2017 के रिकॉर्ड को हम तोड़ेंगे, पूरे प्रदेश में और काशी में तो मान लीजिए, काशी तो सभी सीट हम जीतते ही हैं, ज्यादा मार्जिन से जीतेंगे, इस पर लेकर के हम लोग योजना पर काम कर रहे हैं। बाकी संगठन ने मौका दिया तो बेहतर से बेहतर करेंगे। यानी अगले एक वर्ष के कार्यकाल में विकास कार्यों का 100% अचीवमेंट पाएंगे।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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