इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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