वाराणसी में बुधवार को वरुणा नदी में दोस्त ने किशोर को डुबो कर मार डाला। इसके बाद दोस्तों ने किशोर के कपड़े ईंट में बांधकर नदी में फेंक दिए। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से परिजन भिड़ गए। सिपाही-दरोगा से धक्का-मुक्की की। ग्रामीणों ने पुलिस जीप पर पत्थर फेंके। गोताखोरों के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों की फिर से पुलिस से कहासुनी हो गई। करीब 5 घंटे बाद गांव वालों ने किशोर की डेडबॉडी नदी से बाहर निकाली। इसके बाद ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। हंगामा की सूचना पर मौके पर रोहनिया, मंडुआडीह, लोहता थाने की फोर्स मौजूद है। वहीं घटना के बाद से आरोपी फरार है। घटना लोहता थाना क्षेत्र की है। घर से बुलाकर साथ ले गया था आरोपी लोहता थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी श्यामवृक्ष मजदूरी करते हैं। उनका बेटा आकाश (18) कक्षा में नौ का छात्र था। बुधवार सुबह 11 बजे आकाश के घर गांव निवासी उसका 17 साल का दोस्त बाइक से पहुंचा। उसने आकाश से कहा- नदी में नहाने चलते हैं। आकाश उसके साथ बाइक पर बैठ गया। रास्ते में गांव निवासी अंकुश और दिव्यांश को भी आरोपी ने अपनी बाइक में ले लिया। इसके बाद चारों लोग गांव से 700 मीटर दूर वरुणा नदी के पास पहुंचे। यहां चारों लोग नहाने लगे। जब चारों दोस्त नहा रहे थे तो नदी के किनारे गांव का एक लड़का शिवा भी बैठा था। शिवा ने बताया कि नहाने के दौरान आकाश को उसके दोस्त ने अपने कंधे पर बैठा लिया। वह फिर वह उसे बीच धारा में ले गया। बीच धारा में पहुंचने के बाद उसने आकाश को कंधे से नीचे गिरा दिया। आकाश को डूबते हुए देखता रहा आरोपी आकाश नदी में डूबने लगा। छटपटाते हुए उसने बचाने की गुहार लगाई। मगर आरोपी खड़ा होकर देखता रहा। जब आकाश नदी में डूब गया तो वह नदी के बाहर आ गया। उसने अंकुश और दिव्यांश से कहा कि कोई भी कुछ नहीं बताएगा। इसके बाद आरोपी ने उसके कपड़े लिए और उसमें ईंट-पत्थर भरकर नदी में फेंक दिए। इसके बाद सभी फरार हो गए। शिवा दौड़कर अपने घर पहुंचा और घरवालों को जानकारी दी। इसके बाद शिवा के घर वाले आकाश के घर पहुंचे और घटना के बारे में बताया। जानकारी मिलते ही गांव वाले दौड़कर नदी के पास पहुंचे। नदी के अंदर किनारे उन्हें आकाश के कपड़े मिल गए। इसके बाद गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। 12 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोर को न बुलाने से नाराज गांव वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के साथ ग्रामीणों की धक्का-मुक्की, पत्थर फेंके उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद गांव के मछुआरे और लड़के आकाश की तलाश में नदी में कूद गए। करीब 5 घंटे बाद गांव वालों ने आकाश की डेडबॉडी को बाहर निकाला।
डेडबॉडी के बाहर आते ही गांव वालों ने फिर से हंगामा कर दिया। पुलिस की जीप पर पथराव कर दिया। इसके बाद डेडबॉडी रखकर गांव अयोध्यापुर-कोटवा सड़क पर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घरवालों का कहना है मुख्य आरोपी को अरेस्ट किया जाए। हंगामा की सूचना पाकर मौके पर एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा पहुंचे। उन्होंने आकाश के घरवालों को कार्रवाई का आश्चासन दिया है। आकाश के चचेरे भाई आजाद ने बताया कि गांव के रहने वाले आरोपी से पहले विवाद हुआ था। रविदास जयंती के दिन कहासुनी और मारपीट हुई थी। ……………………. ये खबर भी पढ़िए- ब्रजेश पाठक हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे:बोले- मैं खुद सवर्ण, लखनऊ में UGC नियमों के खिलाफ शंख बजाकर प्रदर्शन लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के लोगों ने बुधवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का आवास घेर लिया। प्रदर्शनकारी यूजीसी के नए नियमों को काला कानून बताते हुए शंख बजाकर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच ब्रजेश पाठक उनके बीच पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रदर्शन कर रहे लोगों अभिवादन किया। डिप्टी सीएम के इस तरह सम्मान करने पर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा बंद कर दिया। सभी ने ब्रजेश पाठक को उन्हीं के अंदाज में प्रणाम किया। इसके बाद डिप्टी सीएम खुद सभी को अंदर ले गए। पढ़ें पूरी खबर

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