वाराणसी में बुधवार को वरुणा नदी में नहाने गए दोस्तों ने किशोर को बीच धारा में ले जाकर डुबो दिया। किशोर डूबते हुए छटपटाता रहा, बचाने की गुहार लगाता रहा लेकिन दोस्तों ने उसे नहीं बचाया। उसके डूब जाने के बाद साथियों ने उसके कपड़े ईंट में बांधकर नदी में फेंक दिए। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिजन भिड़ गए और सिपाही-दरोगा से धक्का मुक्की हो गई। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने पुलिस जीप पर पत्थर भी फेंके। वारदात में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई के लिए ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया है। ग्रामीण काफी देर तक वरुणा नदी के किनारे मौजूद रहे उसके बाद जब गोताखोर नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों और पुलिस में जमकर कहासुनी भी हुई है। 5:30 बजे बॉडी मिली जिसके बाद आक्रोश बढ़ गया।
लोहता थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव में बुधवार को दोपहर में वरुणा नदी में स्नान करते समय एक किशोर नदी में डूब गया। परिजनों का आरोप है कि गांव का एक युवक उसे जबर्दस्ती अपने साथ नदी में नहाने के लिए लेकर गया था। परिजनों ने आकाश को तैरने भी नहीं आता था। ऐसे में आरोपी युवक उसे अपने साथ नदी के बीच धारा में ले गया और वहीं पर छोड़ दिया। आकाश डूबने लगा तो आरोपी किनारे आ गया। उसके बाद सभी युवक पानी से बाहर निकले और फिर आरोपी ने उसके कपड़े में ईंट बांधकर नदी में फेंक दिया। अन्य बच्चे 12 से 14 साल के थे। ऐसे में आरोपी द्वारा उन बच्चों को धमकी दी गई कि घर पर कोई घटना के बारे में नहीं बताएगा।
हालांकि नदी के बाहर शिवा नाम का एक छोटा बच्चा पास में ही खड़ा था और वह घर जाकर अपनी मां को घटना के बारे में जानकारी दी। जानकारी के बाद गांव के लोग दौड़ते भागते नदी की तरफ पहुंचे। उसके बाद नदी के किनारे पानी में से उसका कपड़ा बरामद किया गया। ग्रामीणों द्वारा फिर पुलिस को फोन करके घटना की जानकारी दी गई। जानकारी मिलने के बाद लोहता थाना प्रभारी राजबहादुर मौर्य और कोटवा चौकी प्रभारी मोहम्मद परवेज घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर पांच घंटे गुजर जाने के बाद भी अभी तक आकाश बरामद नहीं हुआ। आकाश के चचेरे भाई आजाद ने बताया कि गांव के रहने वाले श्रीकांत पांडेय से पहले से ही विवाद हुआ था। रविदास जयंती के दिन कहासुनी और मारपीट हुई थी। उसने कहा कि उसके बाद आकाश को श्रीकांत के साथ रहने से मना किया गया था। बुधवार को सुबह में श्रीकांत पांडेय बाइक से आकाश के घर पहुंचा और आकाश और बस्ती के ही रहने वाले अंकुश और दिव्यांश को को अपने साथ लेकर नदी में नहाने के लिए गया। आजाद ने बताया कि वहां पर जाते ही नहाते समय श्रीकांत ने आकाश को डूबो दिया।

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