लखीमपुर के पलिया स्थित 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में सोमवार को कार्यस्थल पर महिला कार्मिकों के यौन उत्पीड़न से संबंधित जागरूकता एवं संवेदनशीलता सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र कमांडेंट (पशु चिकित्सक) डॉ. शालिनी परिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपन्न हुआ। इस सत्र में सीमांत मुख्यालय रानीखेत, क्षेत्रक मुख्यालय पीलीभीत, 49वीं वाहिनी पीलीभीत और 57वीं वाहिनी सितारगंज के अधिकारी व कार्मिकों ने भाग लिया। संदीक्षा की सदस्य, महिला बल कार्मिक और सम्पूर्णानगर के एनजीओ हरिशंकर शिक्षण सेवा संस्थान की प्रतिनिधि लक्ष्मी शर्मा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें कानूनी प्रावधानों, शिकायत निवारण प्रक्रिया और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला कार्मिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देना था। डॉ. शालिनी परिहार ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने सभी कार्मिकों से किसी भी अनुचित घटना की जानकारी तत्काल संबंधित प्राधिकरण को देने की अपील की, ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने के प्रति सशस्त्र सीमा बल की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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