इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मॉडिफाइड साइलेंसर और हूटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और परिवहन आयुक्त को तलब किया है। न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का आदेश दिया है। न्यायालय ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि पिछले पांच सालों में मॉडिफाइड साइलेंसरों और हूटर आदि के निर्माण व बिक्री को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले दोनों अधिकारियों को शपथपत्र दाखिल करने का भी आदेश दिया है। जनहित याचिका पर सुनवाई इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने ‘मोडिफाइड साइलेंसरों से ध्वनि प्रदूषण’ शीर्षक से वर्ष 2021 में दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर पारित किया है। कमेटी अब तक बनी है या नहीं? न्यायालय ने पिछली सुनवाई पर ऐसे उपकरणों से ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को मिलाकर एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता यह पुष्टि नहीं कर सके कि ऐसी कोई कमेटी अब तक बनी है या नहीं। शोर आधी रात में भी सुनाई देता है इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि हम सभी गवाह हैं कि मॉडिफाइड साइलेंसरों व हूटर आदि का शोर आधी रात में भी सुनाई देता है। कोर्ट ने कहा कि प्राथमिक तौर पर गृह तथा परिवहन विभाग पर ऐसे ध्वनि प्रदूषण को रोकने की जिम्मेदारी है।

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