उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ बिजली विभाग द्वारा की जा रही संविदा कर्मचारियों की छंटनी से नाराज हैं। संगठन ने अब इसके खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। शुक्रवार को बैठक कर कर्मचारियों ने 8 अप्रैल 2026 को एमडी मध्यांचल कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। इसको लेकर एवरेडी चौराहा स्थित कैम्प कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद की अध्यक्षता में बैठक हुई। प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय ने बताया- मध्यांचल प्रबंधन ने पावर कॉरपोरेशन के 15 मई 2017 के आदेश, अपने 6 फरवरी 2025 के आदेश और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए 1 अप्रैल 2026 से बड़े पैमाने पर छंटनी का आदेश जारी कर दिया है। इसमें लखनऊ मध्य क्षेत्र से 71, जानकीपुरम क्षेत्र से 69 और गोमतीनगर क्षेत्र से 119 कर्मचारियों को हटाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा अमौसी क्षेत्र से 26 और लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों से 56 कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी कार्य से हटा दिया गया है। मानक समिति की नहीं आई रिपोर्ट प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय ने कहा- 23 मई 2025 को पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन व अनुरक्षण कार्य में आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती के लिए मानक समिति गठित की गई थी। लेकिन मानक समिति अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है। ऐसे में रिपोर्ट आने से पहले छंटनी करना समझौते का उल्लंघन है। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पांडेय, कार्यकारिणी सदस्य सुरेन्द्र वाजपेयी, जिलाध्यक्ष शुभम वर्मा, जिला महामंत्री राकेश पाठक, जिला उपाध्यक्ष मुन्ना समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधन दिया। 7 अप्रैल तक काम पर दोबारा बुलाने का अल्टीमेटम सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि यदि 7 अप्रैल 2026 तक हटाए गए कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं लिया जाता और 1 अप्रैल से छंटनी का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तो 8 अप्रैल को संगठन एमडी मध्यांचल कार्यालय का घेराव करेंगे। संगठन का आरोप है कि प्रबंधन बिना किसी ठोस कारण के कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है, जिससे बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। कर्मचारी अपने परिवार की आजीविका बचाने और अनुबंध की शर्तों के पालन की मांग कर रहे हैं।

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