लखनऊ में बिजली बिल का बैलेंस माइनस में होने के कारण सोमवार को 5855 स्मार्ट मीटर के कनेक्शन कट गए। इस बीच लोगों में बिल जमा कर दिया। इसके बाद भी घरों की बिजली बहाल नहीं हुई। इससे गुस्साए लोगों ने लेसा के जानकीपुरम, लखनऊ सेंट्रल, अमौसी जोन कार्यालय में हंगामा किया। मौके पर लोगों ने इंजीनियरों को घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। वहीं, लेसा अधिकारियों का कहना है कि सर्वर में तकनीकी और आरएमएस सिस्टम अपडेट न होने से बिल जमा होने के बावजूद देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। अभियान चलाकर विभाग काट रहा बिजली पावर कॉरपोरेशन ने 13 मार्च से स्मार्ट मीटर बकायेदारों के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन प्रीपेड मोड में चल रहे उन स्मार्ट मीटरों की आपूर्ति स्वत: बंद हो गई, जिनका बैलेंस शून्य से नीचे था। इसकी चपेट में लखनऊ के 5855 उपभोक्ता आए। इसमें लखनऊ सेंट्रल में 2099, गोमतीनगर 1190, जानकीपुरम 1166 और अमौसी जोन में 1430 उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटे। सबसे अधिक नाराजगी उन उपभोक्ताओं में देखी गई, जिन्होंने कनेक्शन कटते ही तुरंत ऑनलाइन या काउंटर पर भुगतान कर दिया था। जबकि भुगतान के कुछ ही देर में बिजली बहाल होनी चाहिए, लेकिन आरएमएस सिस्टम अपडेट न होने और सर्वर फेलियर के कारण देर रात तक हजारों घर अंधेरे में डूबे रहे। जानकीपुरम, अमौसी, और लखनऊ सेंट्रल जोन में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस बल को बुलाना पड़ा। बड़ी संख्या में लोग हो गए जमा बर्लिंटन चौराहा स्थित ओल्ड 1912 कार्यालय में 500 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों के कमरों तक पैर रखने की जगह नहीं बची और कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। उग्र भीड़ की इंजीनियरों और कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक हुई। वहीं गोमतीनगर जोन कार्यालय में भी देर रात तक लोग बिजली कनेक्शन जुड़वाने के लिए खड़े रहे, लेकिन अधिकारियों ने झूठे आश्वासन के कुछ नहीं किया। इसके अलावा जानकीपुरम जोन के पुरनिया कार्यालय में भी उग्र भीड़ की कर्मचारियों से झड़प हो गई। बवाल बढ़ने पर कई अधिकारी आफिस से चले गये। पेमेंट अपडेट न होने से समस्या जांच में सामने आया कि सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जमा किया गया पैसा पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर अपडेट ही नहीं हुआ। कई उपभोक्ताओं के पास पेमेंट सक्सेसफुल होने का मैसेज तो आया, लेकिन लेसा के रिकॉर्ड में वे अब भी बकायेदार ही दिख रहे थे। बवाल बढ़ता देख कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय छोड़कर चले गए, जिससे जनता का गुस्सा और भड़क गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तीन दिन में लखनऊ सेंट्रल में 3.35 करोड़, गोमतीनगर 1.75 करोड़, जानकीपुरम 1.70 करोड़ और अमौसी जोन में 1.42 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
Puri Khabar Yahan Padhein
Leave a Reply