लखनऊ में स्वर्ण मोर्चे का यूजीसी के खिलाफ लगातार विरोध जारी है। बुधवार को संगठन के संयोजक संदीप सिंह , राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी और बसंत सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में लोग उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास पहुंचे। वहां शंख बजाकर यूजीसी का विरोध करते हुए इसे काला कानून बताया। संगठन के लोगों ने विरोध करते हुए बृजेश पाठक से सवाल किया कि यूजीसी को क्यों लाया जा रहा है। ‘काला कानून की जरूरत क्यों’ संयोजक संदीप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के तमाम पदाधिकारी और सत्ता में बैठे हुए हैं स्वर्ण समाज के नेताओं से लगातार सवाल कर रहे है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पर संगठन के 50 से अधिक पदाधिकारी और सदस्य पहुंचे जिन्होंने शंख बजा कर पहले यूजीसी का विरोध किया और उसके बाद सवाल किया। हमने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि यह काला कानून किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कानून भारतीय जनता पार्टी लेकर आ रही है जिस पर फिलहाल कोर्ट ने रोक लगा दिया है। मगर सवाल के खड़ा होता है कि इस प्रकार के काला कानून लाने की जरूरत क्यों पड़ी। ‘छात्रों का भविष्य बर्बाद होगा’ उन्होंने कहा कि उच्च शैक्षणिक संस्थान में स्वर्ण समाज को मिटाने के लिए यूजीसी एक चक्र है। इस में हम लोग सफल नहीं होने देंगे। जो कह रहे हैं कि किसी छात्र का अहित नहीं होगा तो इसे लेकर क्यों आए । दलित एक्ट का जो प्रावधान है वह तो चल ही रहा था यूजीसी क्यों लाया गया। अगर कोई फर्जी मुकदमा लिखवा देगा तो स्वर्ण छात्र का जीवन बर्बाद हो जाएगा। इसलिए हम लोग इसका पहले दिन से विरोध कर रहे थे जब तक यह काला कानून पूरी तरह से वापस नहीं हो जाएगा विरोध जारी रहेगा । ‘किसी के साथ अन्याय नहीं होगा’ संदीप ने बताया कि UGC पर जब हमने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से सवाल किया । उनके द्वारा कहा गया कि वह दिल्ली के नेतृत्व से इस विषय पर बात करेंगे । किसी भी कीमत पर सवर्ण समाज के साथ अन्याय नहीं होगा।हमारी सरकार सभी धर्म और जाति के साथ है। हम स्वयं सामान्य वर्ग से आते हैं और ऐसे में अपने वर्ग के किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

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