लखनऊ में सऊदी अरब हुकूमत के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन। अरबी कैलेंडर के हिसाब से हर साल आठ शव्वाल को सऊदी अरब में मौजूद जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण के लिए ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से प्रदर्शन किया जाता है। मौलाना यासूब अब्बास और शिया समुदाय को ओर से सऊदी अरब हुकूमत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाता है। शहीद स्मारक पे जन्नतुल बक़ी में रसूल-ए-इस्लाम की बेटी जनाबे फातिमा और इमामों के रौज़ों को ध्वस्त किए जाने के विरोध में प्रर्दशन किया गया। 1925 में सऊदी हुकूमत ने कब्रों को ध्वस्त करवाया था ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व सऊदी अरब के शासक आले सऊद ने जन्नत-उल-बकी में मोहम्मद साहब के खानदान वालों और उनकी बेटी की कब्र को ध्वस्त करवा दिया था, ये बहुत अफसोस की बात है कि सऊदी हुकूमत जिस रसूल का कलमा पढ़ती है, उसकी बेटी की कब्र पर आज तक कोई साया नहीं है। उन्होंने कहा कि ये बड़े शर्म की बात है कि सऊदी शासक अपने आलीशान महलों में रह रहे हैं, लेकिन रसूल की बेटी की कब्र खुले आसमान के नीचे हैं।
मौलाना ने सऊदी अरब हुकूमत से मांग की है कि या तो जन्नतुल बक़ी का निर्माण कराए या शिया समुदाय को इजाजत दें कि हम वहां जाकर मज़ारों का पुनः निर्माण करें। मौलाना ने प्रशासन को मेमोरेंडम सौंप कर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि शिया समुदाय के आस्था को ध्यान में रखते हुए सऊदी हुकूमत से जन्नतुल बक़ी के निर्माण के लिए भारत सरकार दबाव बनाए। ‘हर वर्ष खून से लिखते है पत्र’ मौलाना यासूब अब्बास ने बताया कि हर साल कब्रों के निर्माण के लिए भारत सरकार और सऊदी हुकूमत का ध्यान आकर्षित करने के लिए खून से पत्र लिखकर सऊदी दूतावास को भेजा जाता है, मगर खून से लिखे हुए पत्र का भी कोई असर नहीं होता है। मौलाना ने कहा कि सऊदी हुकूमत भले ही हमें नजर अंदाज करती रहे मगर जब तक जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण नहीं हो जाता है हम यह विरोध प्रदर्शन और खून से खत लिखने का सिलसिला जारी रखेंगे।

Leave a Reply